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Amavasya May 2026 Timing: कल मनाई जाएगी वट अमावस्या, नोट कर लें टाइमिंग और पूजा विधि

 Written By: Laveena Sharma @laveena1693
 Published : May 15, 2026 09:16 am IST,  Updated : May 15, 2026 09:16 am IST

Amavasya May 2026 Timing, Puja Vidhi: 16 मई को अमावस्या तिथि सुबह 5 बजकर 21 मिनट से शुरू होकर देर रात 1 बजकर 30 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार अमावस्या 16 मई को ही मनाई जाएगी। इस दिन शनिवार है इसलिए ये शनि अमावस्या भी है।

vat amavasya- India TV Hindi
वट अमावस्या 2026 Image Source : INDIA TV

Amavasya May 2026 Timing: ज्येष्ठ महीने की अमावस्या को वट अमावस्या, बरगदी अमावस्या और बड़ अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। ये अमावस्या शनिवार के दिन पड़ी है इसलिए ये शनि अमावस्या भी कहलाएगी। खास बात ये है कि इस दिन शनि जयंती का शुभ संयोग भी बन रहा है। इस अमावस्या पर वट वृक्ष और शनि देव की पूजा करने का विशेष महत्व माना जाता है। कहते हैं जिन पर शनि साढ़े साती या शनि ढैय्या चल रही है उन लोगों को इस दिन शनि की उपासना जरूर करनी चाहिए। चलिए आपको बताते हैं वट अमावस्या यानी शनि अमावस्या की टाइमिंग और पूजा विधि क्या रहेगी।

वट अमावस्या शुभ मुहूर्त 2026 (Vat Amavasya 2026 Timings)

  • अभिजीत मुहूर्त - सुबह 11:50 से दोपहर 12:45 तक 
  • शुभ - उत्तम - 07:12 AM से 08:54 AM
  • चर - सामान्य - 12:18 PM से 02:00 PM
  • लाभ - उन्नति - 02:00 PM से 03:42 PM
  • अमृत - सर्वोत्तम - 03:42 PM से 05:23 PM
  • लाभ - उन्नति - 07:05 PM से 08:23 PM

वट अमावस्या पूजन विधि (Vat Amavasya Puja Vidhi)

  • वट अमावस्या के दिन सुबह-सुबह नदी स्नान कर सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए।
  • अगर नदी स्नान संभव न हो तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
  • अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित होती है इसलिए इस दिन पितरों का तर्पण भी जरूर करें। साथ ही उनके नाम से दान करें।
  • वट अमावस्या पर कई महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए उपवास भी रखती हैं और बरगद के पेड़ की पूजा करती है।
  • वट अमावस्या पर हर किसी को बरगद के पेड़ पर दीपक जरूर जलाना चाहिए।
  • इस दिन शनि जयंती भी होती है। ऐसे में इस शुभ अवसर पर शनि के मंदिर जाकर उनकी प्रतिमा के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जरूर जलाएं। साथ ही शनि के नाम से दान भी करें। इससे शनि दोषों से छुटकारा मिल जाएगा।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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