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आषाढ़ का महीना कब से लगेगा? साधना और जप-तप के लिए क्यों माना जाता है श्रेष्ठ, जानिए महत्व और नियम

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : Jun 25, 2026 04:57 pm IST,  Updated : Jun 25, 2026 04:59 pm IST

आषाढ़ माह को धर्म, साधना और संयम का महीना कहा जाता है। मान्यता है कि इस दौरान किए गए जप, तप, दान और भगवान विष्णु की उपासना का विशेष फल प्राप्त होता है, इसलिए इसे आध्यात्मिक उन्नति के लिए श्रेष्ठ समय माना गया है। जानिए इस साल आषाढ़ माह की शुरुआत कब से होने जा रही है।

Ashadh maas 2026- India TV Hindi
कब से लगेगा आषाढ़ मास 2026 Image Source : PINTEREST

हिंदू धर्म में आषाढ़ माह को आध्यात्मिक साधना, भक्ति और आत्मचिंतन का विशेष काल माना जाता है। यह महीना भगवान विष्णु की आराधना, जप-तप और पुण्य कार्यों के लिए अत्यंत शुभ बताया है। मान्यता है कि इस दौरान किए गए धार्मिक कार्य और साधना जीवन में मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करते हैं। जानिए साल 2026 में आषाढ़ महीने की शुरुआत कब होने जा रही और इसका महत्व क्या है। साथ ही ये भी जानेंगे के इस अवधि में किन नियमों का पालन करें। 

आषाढ़ माह कब से शुरू होगा?

हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल आषाढ़ माह 30 जून 2026 से प्रारंभ होगा। ज्येष्ठ माह के बाद आने वाला यह महीना वर्षा ऋतु की शुरुआत का संकेत भी है। धार्मिक दृष्टि से यह समय मन को भक्ति और साधना की ओर केंद्रित करने वाला माना गया है।

आषाढ़ माह का धार्मिक महत्व

आषाढ़ माह संयम, भक्ति और आध्यात्मिक जागरूकता का प्रतीक है। कहते हैं कि इस दौरान विष्णु जी की भक्ति, पूजा-पाठ, मंत्र जाप और साधना से विशेष पुण्य मिलता है। यही कारण है कि कई श्रद्धालु इस पूरे माह धार्मिक नियमों का पालन करते हुए ईश्वर आराधना में समय बिताते हैं।

साधना और जप-तप का महत्व

आषाढ़ से चातुर्मास का आरंभ होता है। इस अवधि को मन, वचन और कर्म को शुद्ध करने का समय माना गया है। इसलिए जप, ध्यान, व्रत और धार्मिक अनुष्ठानों का महत्व बढ़ जाता है।

आषाढ़ माह में क्या करें?

  • प्रतिदिन भगवान विष्णु का ध्यान और पूजन करें।
  • इस पूरे माह 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करना शुभ होता है।
  • जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र और धन का दान दें।
  • तुलसी के पौधे की नियमित पूजा करें और शाम के समय दीपक जरूर जलाएं।
  • सात्विक जीवनशैली अपनाने का प्रयास करें।

आषाढ़ माह में क्या न करें?

  • तामसिक भोजन, प्याज और लहसुन का सेवन करने से बचें।
  • मदिरा और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन न करें।
  • किसी का अपमान न करें और कटु वचन बोलने से बचें।
  • धार्मिक नियमों और व्रतों की अवहेलना न करें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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