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Somvati Amavasya 2026 Timing: सोमवती अमावस्या कब से कब तक रहेगी, नोट कर लें स्नान-दान टाइमिंग

 Written By: Laveena Sharma @laveena1693
 Published : Jun 14, 2026 09:27 am IST,  Updated : Jun 15, 2026 07:12 am IST

Jeth Adhik Amavasya 2026 Timing: ज्येष्ठ अधिक मास की अमावस्या 14 जून 2026 की दोपहर 12:19 से शुरू होकर 15 जून 2026 की सुबह 08:23 बजे तक रहेगी। पंचांग से जानिए अमावस्या से जुड़े धार्मिक कार्य किस दिन किए जाएंगे।

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जेठ अधिक अमावस्या 2026 Image Source : INDIA TV

Jeth Adhik Amavasya 2026 Timing: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि ईश्वर साधना और पितरों के स्मरण के लिए विशेष मानी जाती है। हर महीने में एक अमावस्या आती है। लेकिन अधिक मास में आने वाली अमावस्या का खास महत्व माना गया है। इस साल ये अमावस्या 15 जून 2026, सोमवार को मनाई जाएगी। सोमवार के दिन आने के कारण ये सोमवती अमावस्या भी कहलाएगी। कहते हैं अधिक अमावस्या पर स्नान-दान करने से अमोघ पुण्य फल प्राप्त होता है। चूंकि अधिकमास तीन साल में एक ही बार आता है, इसलिए ये अमावस्या भी तीन साल में एक ही बार पड़ती है। इस अमावस्या पर भगवान विष्णु की पूजा बेहद फलदायी मानी जाती है। चलिए आपको बताते हैं जेठ अधिक अमावस्या पर स्नान-दान का मुहूर्त क्या रहेगा।

जेठ अधिक अमावस्या मुहूर्त 2026

ज्येष्ठ अमावस्या पर स्नान के लिए ब्रह्म मुहूर्त का समय सबसे शुभ माना जाता है, जो सुबह 04:03 AM से 04:43 AM तक रहेगा। जिन लोगों के लिए ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर पाना संभव न हो वो लोग कम से कम सुबह 6 बजे तक तो स्नान जरूर ही कर लें। चलिए अब एक नजर इस दिन के शुभ मुहूर्त पर डाल लेते हैं...

  • ब्रह्म मुहूर्त - 04:03 AM से 04:43 AM
  • प्रातः सन्ध्या - 04:23 AM से 05:23 AM
  • अभिजित मुहूर्त - 11:54 AM से 12:50 PM
  • गोधूलि मुहूर्त - 07:19 PM से 07:39 PM
  • अमृत काल - 11:28 AM से 12:52 PM
  • सर्वार्थ सिद्धि योग - 05:23 AM से 07:08 PM
  • अमृत सिद्धि योग - 05:23 AM से 07:08 PM

ज्येष्ठ अधिक अमावस्या पूजा विधि

  • इस अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
  • अगर संभव हो तो नदी स्नान करें।
  • स्नान के बाद सूर्य देव को जल चढ़ाएं। अगर व्रत रखना है तो व्रत का संकल्प लें।
  • भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि विधान पूजा करें। साथ ही ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें।
  • इस दिन एक दीपक तुलसी के पौधे के सामने भी जलाएं। 
  • पितरों का स्मरण करें और उनके नाम से किसी जरूरतमंद को अन्न दान करें।
  • शाम में पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाकर उसके सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
  • इस दिन कुछ न कुछ दान भी जरूर करें।

अमावस्या पर दान का महत्व 

कहते हैं अमावस्या तिथि पर दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन जरूरतमंदों को भोजन, जल और वस्त्रों का दान करना बेहद पुण्य का काम माना जाता है। कहते हैं इन चीजों के दान से श्रीहरि विष्णु भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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