ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में ग्रहों की स्थिति का आपके रिश्तों पर भी गहरा प्रभाव देखने को मिलता है। ऐसे में आज हम आपको बताने वाले हैं कि कुंडली के कौन से ग्रहों के खराब होने पर माता पिता के साथ आपके संबंध खराब हो सकते हैं। साथ ही हम आपको बताएंगे कि क्या उपाय हैं जिनको करके आप माता-पिता के साथ अपने संबंधों में सुधार कर सकते हैं।
माता और पिता का प्रतिनिधित्व करते हैं ये दो ग्रह
- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्रमा को माता का कारक माना गया है वहीं पिता का कारक ग्रह सूर्य है। इनकी स्थिति से ही माता-पिता के साथ आपके संबंधों का पता चलता है।
- अगर कुंडली में सूर्य नीच राशि तुला में विराजमान है तो पिता के साथ आपके संबंध खराब हो सकते हैं। आपके और आपके पिता के बीच वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। वहीं माता का कारक ग्रह चंद्रमा यदि नीच राशि में है तो माता के साथ आपकी अनबन हो सकती है।
- सूर्य और चंद्रमा पर यदि क्रूर ग्रहों जैसे राहु-केतु, मंगल और शनि की दृष्टि पड़ रही हो तब भी आपको माता-पिता के साथ सामंजस्य बिठाने में दिक्कतें आ सकती हैं। किशोरावस्था के बाद आप उनसे अलग हो सकते हैं।
- सूर्य और चंद्रमा अगर शत्रु राशियों जैसे मकर, कुंभ तुला, वृषभ में हों तब भी माता और पिता के साथ दूरी पैदा हो सकती है।
- अगर सूर्य और चंद्रमा त्रिक भावों यानि 6, 8 और 12 में हों तब भी पारिवारिक जीवन में दिक्कतों का सामना आपको करना पड़ सकता है खासकर माता पिता के साथ।
इन उपायों से सुधरेगा माता-पिता से संबंध
- अगर माता के साथ अपने संबंधों को सुधारना चाहते हैं तो आपको चंद्रमा की पूजा करनी चाहिए। पूर्णिमा के दिन सफेद चीजों जैसे दूध, दही, सफेद वस्त्र आदि का दान करने से आपको लाभ होता है। इसके साथ ही चंद्रग्रहण के दिन भी आप दान कर सकते हैं। चंद्रमा की स्थिति को मजबूत करने के लिए और माता के साथ संबंधों में सुधार लाने के लिए आपको भगवान शिव की पूजा से भी लाभ प्राप्त होता है। चंद्र ग्रह के मंत्रों का जप भी आपको कर सकते हैं।
- पिता के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए आपको सूर्य देव की आराधना करनी चाहिए। सूर्य को जल का अर्घ्य देना, गुड़, गेहूं, तांबा, सोना आदि का दान करना भी आपके लिए शुभ रहता है। इसके साथ ही सूर्य ग्रहण के दिन भी आपको इन चीजों का दान करना चाहिए। सूर्य को मजबूत करने के लिए और पिता के साथ संबंधों में सुधार लाने के लिए आपको सूर्य मंत्रों का जप भी करना चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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