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Mantra Siddhi: किसी भी मंत्र को सिद्ध करने के लिए 5 नियमों को जानना जरूरी, इनका पालन किए बिना जप करना अर्थहीन

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Apr 10, 2026 06:28 pm IST,  Updated : Apr 10, 2026 06:28 pm IST

Mantra Siddhi: बहुत से लोग मंत्र साधना के जरिए सिद्धि पाने का प्रयास करते हैं। हालांकि, अगर बिना नियमों को जानें आप मंत्र जप करते हैं तो जप करने का फल आपको प्राप्त नहीं होता। ऐसे में आइए जान लेते हैं उन नियमों के बारे में जिनका पालन करके आपको मंत्र सिद्धि प्राप्त हो सकती है।

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मंत्र जप Image Source : FREEPIK

Mantra Siddhi: मंत्र साधना का हिंदू धर्म में बड़ा महत्व है। मंत्र साधना से मन को सही दिशा मिलती है और मानसिक शांति भी हम प्राप्त करते हैं। इसके साथ ही महात्युंजय, गायत्री जैसे कई ऐसे मंत्र भी हैं जिनका जप करने से हमको सिद्धियां प्राप्त होती हैं। महामृत्युंजय मंत्र को यदि आप सिद्ध कर लेते हैं तो आपको भय, रोग से मुक्ति मिलती है और शिवजी का आशीर्वाद आपको प्राप्त होता है। वहीं गायत्री मंत्र को सिद्ध करने से मानसिक शांति, आनंद, तेज और तीक्ष्ण बुद्धि की प्राप्ति हमें होती है। इसी तरह पौराणिक ग्रंथों में हजारों मंत्र है जिनको सिद्ध करने से अलग-अलग तरह की सिद्धियां हम प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि मंत्र सिद्ध तभी होते हैं जब सही नियमों का पालन करते हुए इनका जप किया जाए। आज हम आपको इन्हीं नियमों के बारे में जानकारी देंगे। 

पवित्रता, स्थान और उच्चारण 

किसी भी मंत्र को सिद्ध करने के लिए उसका जप करने से पहले मंत्र का उच्चारण आपको सही तरीके से सीख लेना चाहिए। इसके बाद मंत्र जप के लिए आपको एक निश्चित स्थान का चयन करना चाहिए। स्थान का चयन करने के बाद प्रतिदिन स्नान आदि के बाद पवित्र होकर ही आपको मंत्र जप शुरू करना चाहिए। 

ब्रह्मचर्य का पालन

अगर आप मंत्र को सिद्ध करने के लिए गंभीर हैं तो आपको ब्रह्मचर्य का पालन भी अवश्य करना चाहिए। मान्यताओं के अनुसार किसी मंत्रों को सिद्ध करने के लिए कम से कम 41 दिनों तक आपको सात्विक जीवन जीना चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। 

समय और दिशा 

मंत्र जप के लिए आपको एक निश्चित समय तय करना चाहिए। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय को मंत्र जप के लिए सबसे शुभ माना जाता है। हालांकि जो लोग भैरव जी, काली माता, शनि देव आदि के मंत्रों का जप करना चाहते हैं उनके लिए अर्धरात्रि का समय भी शुभ माना जाता है। मंत्र जप के लिए समय निश्चित करने के बाद आपको दिशा का भी ख्याल रखना चाहिए। देवी-देवताओं के मंत्रों का जप उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुख करके करना चाहिए। अगर आप समय और दिशा को रोजाना बदलते हैं तो मंत्र सिद्धि में बाधाएं आपको आ सकती हैं। 

जप की संख्या प्रतिदिन हो समान

मंत्र जप के पहले दिन जितनी बार आपने जप किया है प्रतिदिन उसी संख्या में जप आपको करना चाहिए। आप 7, 21, 108, 1008 बार मंत्र का जप कर सकते हैं। जप की संख्या को याद रखने के लिए आप रुद्राक्ष की माला खरीद सकते हैं। 

किसी को न बताएं मंत्र जप के बारे में 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंत्र सिद्धि तभी आपको प्राप्त होती है जब आप इसे गुप्त रूप से करते हैं। साथ ही आपको यह भी किसी को नहीं बताना चाहिए कि किस उद्देश्य से आप मंत्र को सिद्ध कर रहे हैं। जितना गोपनीय रूप से मंत्र जप करेंगे उतना ही इसके सिद्ध होने की संभावना अधिक होगी। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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