Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या या माघी अमावस्या को धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन स्नान, दान और पितृ पूजा करने से आपको शुभ फलों की प्राप्ति होती है। वहीं इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण और कुछ आसान से उपाय करना आपको पितृ दोष से मुक्ति दिला सकता है। आपके जीवन की कई समस्याएं पितरों के निमित्त किए गए उपायों के जरिए दूर हो सकती हैं, आज हम आपको ऐसे ही कुछ उपायों के बारे में जानकारी देंगे।
माघ अमावस्या के दिन इन उपायों से दूर होगा पितृ दोष
- इस दिन पवित्र नदी में स्नान आपको करना चाहिए और पितरों के निमित्त तर्प करना चाहिए। यह कार्य करने के लिए सुबह 5 बजे से लेकर सुबह 9 बजे तक का समय शुभ रहेगा। अगर पवित्र नदी या तालाब घर के पास नहीं है तो एक जल के पात्र में कुश, अक्षत, काले तिल मिलाकर दक्षिण दिशा में पितरों के निमित्त जल दें और 'ॐ पितृभ्यो नमः' मंत्र का कम से कम 11 बार जप करें।
- अगर संभव हो तो पितरों को प्रसन्न करने के लिए ब्राह्मण भोजन करवाएं या फिर हरिद्वार, गया जैसे तीर्थ स्थलों पर दान करें।
- माघी अमावस्या के दिन आपको पंचबलि कर्म भी करना चाहिए। यानि घर में जो भी भोजन बना हो उसे गाय, कौआ, चींटी, कुत्ता और किसी ब्राह्मण को अवश्य खिलाना चाहिए। ऐसा करने से भी पितृ दोष दूर होता है और पितरों के आशीर्वाद से आपके बिगड़ते काम भी बनते हैं।
- माघी अमावस्या के दिन आपको पितरों के निमित्त दीपदान भी करना चाहिए। एक चौमुखी दीपक जलाकर इसे घर की दक्षिण दिशा में आपको रखना चाहिए। दीपक सरसों के तेल से ही आपको जलाना चाहिए। इस आसान से उपाय को करने से आपके जीवन से अंधकार दूर होता है और पितरों का आशीर्वाद आप पाते हैं।
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पीपल के वृक्ष में निवास करते हैं इसलिए माघ अमावस्या के दिन आपको पीपल के पेड़ के तले दीपक जलाना चाहिए, दूध, गंगाजल अर्पित करना चाहिए और इसके बाद सात बार पीपल की परिक्रमा करनी चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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