Wednesday, January 14, 2026
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Managl Gochar 2026: मिथुन-तुला सहित ये 5 राशियां आएंगी मांगलिक दोष की चपेट में, 16 जनवरी के बाद रहना होगा बेहद सतर्क

Managl Gochar 2026: मंगल ग्रह 16 जनवरी से 23 फरवरी तक मकर राशि में संचार करेंगे। इसके चलते कुछ राशियां अस्थायी रूप से मंगलिक दोष की चपेट में होंगी। इसलिए इन राशियों को कुछ जरूरी उपाय करने चाहिए। विस्तार से पढ़ें मंगल गोचर का संपूर्ण राशिफल।

Written By : Acharya Indu Prakash Edited By : Naveen Khantwal Published : Jan 14, 2026 12:32 pm IST, Updated : Jan 14, 2026 12:32 pm IST
Mangal Gochar - India TV Hindi
Image Source : INDIA TV मंगल गोचर 2026

Mangal Gochar 2026: मंगल ग्रह 16 जनवरी की सुबह 4 बजकर 27 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे। मंगल 23 फरवरी की दोपहर पहले 11 बजकर 49 मिनट तक मकर राशि में ही गोचर करते रहेंगे, उसके बाद कुम्भ राशि में प्रवेश कर जायेंगे। मंगल ग्रह को ‘लाल ग्रह’ कहा जाता है। जबकि संस्कृत में इसे ‘अंगारक’, यानि जो लाल रंग का हो या भौम भी कहते हैं। मंगल एक पुरुष ग्रह है और ये दिन के समय अधिक प्रभावशाली रहता है। सूर्य और चन्द्रमा को छोड़कर मंगल बाकी ग्रहों में सबसे ज्यादा ताकतवर है। इसे युद्ध का देवता भी कहा जाता है। राशियों में मंगल मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी है। मंगल मकर राशि में उच्च के और कर्क राशि में नीच के होते हैं। जन्म पत्रिका में चौथे और आठवें भाव का मंगल अशुभ होता है, वहीं अन्य भावों में मंगल की स्थिति शुभ होती है। यूनानी ज्योतिष के अनुसार मंगल का शनि से बैर है, परन्तु ये भी सच है कि शनि मंगल से शत्रुता नहीं करता।

सूर्य, चन्द्रमा और गुरु मंगल के मित्र हैं। बुध और केतु इसके शत्रु होते हैं। जबकि मंगल के साथ राहु ज्यादा छेड़छाड़ नहीं करता, वह मौन रहता है। जन्मपत्रिका में मंगल के शुभ होने पर यह व्यक्ति को शक्तिशाली और साहसी बनाता है, वहीं जन्मपत्रिका में मंगल अच्छी स्थिति में न होने पर यह व्यक्ति को समाज के विरूद्ध कार्यों के लिये प्रेरित करता है।  वैसे तो मंगल सही मार्ग पर चलने वाला और सच्चाई का साथ देने वाला ग्रह है, लेकिन सही के साथ सही और गलत के साथ यह गलत है। लिहाजा मंगल के इस गोचर के दौरान विभिन्न राशि के लोगों पर क्या प्रभाव होगा, मंगल उनके किस स्थान पर गोचर करेंगे और उस स्थिति में शुभता सुनिश्चित करने के लिये और अशुभता से बचने के लिए आपको क्या उपाय करने चाहिए, अब हम इसकी चर्चा करेंगे।

मेष राशि

मंगल आपके दसवें स्थान पर गोचर करेगा। जन्म पत्रिका के दसवें स्थान का सम्बन्ध हमारे करियर, राज्य तथा पिता से होता है। मंगल के इस गोचर के प्रभाव से आपके कदम जहां भी जायेंगे, वहां तरक्की ही तरक्की होगी। आपका गृहस्थ जीवन सुखी होगा। इस दौरान कोई प्रशासनिक कार्य पूर्ण होगा। आपके तथा आपके पिता के करियर में बदलाव आयेगा। लेकिन ध्यान रहे अगर आपके घर में सोना रखा है तो इस दौरान उसे लॉकर में रखवाना ही उचित होगा। लिहाजा मंगल के अशुभ फलों से बचने के लिये- चूल्हे पर दूध उबालते समय ध्यान रखें कि दूध उबलकर बर्तन से बाहर न गिरे।

वृष राशि

मंगल का यह गोचर आपके नवें स्थान पर होगा। जन्मपत्रिका के नौवें स्थान का सम्बन्ध हमारे भाग्य से होता है। मंगल के इस गोचर से आपको हर तरह का सुख मिलेगा और भाग्य का पूरा साथ मिलेगा । वहीं बड़े भाई का साथ आपकी किस्मत के सितारे को और भी बुलंद कर देगा। इस दौरान शस्त्र, चिकित्सा और कृषि के व्यवसाय आदि से जुड़े लोगों को धन लाभ होगा। जो लोग प्रशासनिक सेवाओं में कार्यरत हैं, उन्हें किसी अन्य पद की प्राप्ति भी हो सकती है। अतः मंगल के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये- भाइयों को जब भी जरूरत पड़े, तो उनकी सहायता जरूर करें। 

मिथुन राशि

मंगल आपके आठवें स्थान पर गोचर करेगा। जन्मपत्रिका के आठवें स्थान का सम्बन्ध हमारे आयु से है । मंगल के इस गोचर के प्रभाव से आपका जीवन सुखमय रहेगा। लेकिन आठवें स्थान का मंगल आपको 23 फरवरी तक अस्थाई रूप से मांगलिक बना देगा। दरअसल जन्मपत्रिका में पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें स्थान पर मंगल के होने से जातक मांगलिक कहलाता है। ऐसे में अगर आप विवाहित हैं तो आपको इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि क्या आपके जीवनसाथी की जन्मपत्रिका में भी मंगल पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें जा रहा है। अगर हां तो ठीक है, अन्यथा मंगल के इस गोचर के उपाय आपको जरूर करने चाहिए। लिहाजा मंगल के टेम्पेरेरी मांगलिक दोष से बचने के लिये- जब रोटी सेंकने के लिये तवा रखें, तो उसके गर्म होने पर पानी के छींटे मारने के बाद रोटी सेंके।

कर्क राशि

मंगल आपके सातवें स्थान पर गोचर करेगा। जन्मपत्रिका के सातवें स्थान का सम्बन्ध हमारे जीवनसाथी से है। मंगल के इस गोचर के प्रभाव से आपको जीवनसाथी के साथ रिश्ते में ताल-मेल बनाने में मेहनत करनी पड़ेगी। सातवें स्थान पर मंगल का यह गोचर आपको भी 23 फरवरी तक के लिये टेम्पेरेरी तौर पर मांगलिक बना देगा। अतः अगर आप विवाहित हैं तो आपको इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि क्या आपके जीवनसाथी की जन्मपत्रिका में भी मंगल पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें जा रहा है। अगर ऐसा है तो ठीक, वरन सतर्क होकर इस गोचर के उपाय आपको जरूर करने चाहिए। लिहाजा मंगल के टेम्पेरेरी मांगलिक दोष से बचने के लिये- 23 फरवरी तक बांस से बनी कोई भी चीज़ घर में लाना आवॉयड करें। 

सिंह राशि

मंगल आपके छठे स्थान पर गोचर करेगा। जन्मपत्रिका के छठे स्थान का सम्बन्ध हमारे मित्र, शत्रु तथा स्वास्थ्य से है। मंगल के इस गोचर से समाज के कुछ अच्छे लोगों से होगा, जिसका फायदा आने वाले समय में आपको जरूर मिलेगा। मंगल का यह गोचर आपके भाईयों और दोस्तों के लिये भी शुभ संकेत लेकर आया है । 23 फरवरी तक आपको आग से बचना चाहिए। लिहाजा मंगल के अच्छे फल सुनिश्चित करने के लिये- मंगलवार के दिन अपने भाई या बही समान किसी व्यक्ति को कुछ न कुछ

गिफ्ट जरूर करें। 

कन्या राशि

मंगल आपके पांचवें स्थान पर गोचर करेगा। जन्मपत्रिका के पांचवें स्थान का सम्बन्ध हमारे संतान, बुद्धि, विवेक और रोमांस से है। मंगल के इस गोचर से आपको संतान का सुख मिलेगा । आपकी बौद्धिक क्षमता में बढ़ोतरी होगी और आपको गुरु का पूरा साथ मिलेगा। साथ ही 23 फरवरी तक आप जो भी काम करेंगे, उसका अच्छा लाभ मिलेगा। साथ ही अपनी सेहत का ख्याल रखें। अतः मंगल के अशुभ फलों से बचने के लिये- रात के समय सिरहाने पर पानी का बर्तन रखकर सोएं और छोटे बच्चों को दूध गिफ्ट करें। 

तुला राशि

मंगल आपके चौथे स्थान पर गोचर करेगा। जन्मपत्रिका के चौथे स्थान का सम्बन्ध हमारे भवन, भूमि, वाहन तथा माता से है। मंगल के इस गोचर से आपको भूमि-भवन, वाहन का सुख मिलेगा और माता का सहयोग मिलेगा। जैसा कि मैंने अभी पहले भी आपको बताया है कि जन्मपत्रिका में पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें स्थान पर मंगल का गोचर जातक को मांगलिक बनाता है। अतः चौथे स्थान पर मंगल का यह गोचर आपको 23 फरवरी तक के लिये अस्थायी रूप से मांगलिक बना देगा । वहीं अगर आप विवाहित हैं तो इस बात पर भी ध्यान दें कि क्या आपके जीवनसाथी की कुंडली में मंगल पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें जा रहा है। अगर हां तो ठीक है, अन्यथा सतर्क होकर इस गोचर के उपाय आपको जरूर करने चाहिए। तो मंगल के टेम्पेरेरी मांगलिक दोषों से बचने के लिये- सुबह उठकर सबसे पहले पानी से कुल्ला करें।

वृश्चिक राशि

मंगल आपके तीसरे स्थान पर गोचर करेगा। जन्मपत्रिका के तीसरे स्थान का सम्बन्ध हमारे पराक्रम, भाई-बहन तथा यश से है। मंगल के इस गोचर से आपका गृहस्थ जीवन ठीक रहेगा । आप दूसरों की हर संभव मदद करेंगे। 23 फरवरी तक आपकी तरक्की भी इस बात पर डिपेंड करेगी कि दूसरे लोगों के साथ आपका व्यवहार कैसा होगा। अगर आप अपने स्वभाव में नम्रता बनाये रखेंगे, तो इस दौरान भाई-बहनों से आपको सहयोग मिलता रहेगा। साथ ही ससुराल पक्ष से आर्थिक लाभ भी मिलेगा, लेकिन इस दौरान ध्यान रहे कि किसी से भी कर्ज न लें। लिहाजा मंगल के अशुभ फलों से बचने के लिये- मन्दिर में शहद का दान करें।

धनु राशि

मंगल आपके दूसरे स्थान पर गोचर करेगा। जन्मपत्रिका के दूसरे स्थान का सम्बन्ध हमारे धन तथा स्वभाव से है। मंगल का यह गोचर आपके लिये मिले-जुले परिणाम लेकर आयेगा। आपको आर्थिक रूप से लाभ होगा, लेकिन आया हुआ पैसा अधिक समय तक आपके पास नहीं टिकेगा। भाईयों से जितना अधिक प्यार बनाकर रखेंगे, उतना ही अधिक आपको लाभ प्राप्त होगा। वैसे संतान का पूरा सुख आपको मिलेगा। अतः मंगल के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये- भाइयों को जब भी जरूरत हो, उनकी मदद करें।

मकर राशि

मंगल आपके पहले यानि लग्न स्थान पर गोचर करेगा। जन्मपत्रिका में लग्न यानि पहले स्थान का सम्बन्ध हमारे शरीर तथा मुख से है। मंगल के इस गोचर से आपका स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, आपको हर प्रकार का सुख मिलेगा। पॉलिटिक्स से जुड़े लोगों के साथ ही लोहा, लकड़ी, मशीनरी आदि का काम कर रहे लोगों को भी आर्थिक रूप से फायदा मिलेगा। लेकिन यहां एक बार फिर से बता दूं कि जन्मपत्रिका के पहले, चौथे, सातवें, आठवें और बारहवें स्थान पर मंगल उपस्थिति जातक को मांगलिक बनाता है। अतः आपके पहले स्थान पर मंगल के इस गोचर से आप 23 फरवरी तक टेम्पेरेरी रूप से मांगलिक कहलायेंगे और अगर आप विवाहित हैं तो इस बात का भी ध्यान रखें कि क्या आपके जीवनसाथी की जन्मपत्रिका में मंगल पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें जा रहा है । अगर ऐसा है तो ठीक, वरन् आपको सतर्कता से मंगल के इस गोचर के उपाय करने चाहिए। तो मंगल के टेम्पेरेरी मांगलिक दोष से बचने के लिये- मन्दिर में कपूर या दही का दान करें। 

कुम्भ राशि

मंगल आपके बारहवें स्थान पर गोचर करेगा। जन्मपत्रिका के बारहवें स्थान का सम्बन्ध आपके व्यय तथा शय्या सुख से है। मंगल के इस गोचर से आपके पास धन की कमी नहीं होगी और आप शय्या सुख मिलेगा। साथ ही ये भी जान लीजिये कि जन्मपत्रिका में पहले, चौथे, सातवें और आठवें घर की तरह बारहवें घर में भी मंगल का जातक को मांगलिक बनाता है। अतः बारहवें स्थान पर मंगल का यह गोचर 23 फरवरी तक के लिये अस्थायी रूप से मांगलिक बना देगा। अगर आप विवाहित हैं तो इस बात पर भी ध्यान दें कि क्या आपके जीवनसाथी की जन्मपत्रिका में मंगल पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें जा रहा है। अगर हां तो ठीक है, अन्यथा सतर्क होकर आपको मंगल के इस गोचर के उपाय जरूर करने चाहिए । लिहाजा मंगल के टेम्पेरेरी मांगलिक दोष से बचने के लिये- कुत्ते को मीठी रोटी डालें और 23 फरवरी तक खाकी रंग की टोपी या पगड़ी से सिर ढककर रखें। 

मीन राशि

मंगल आपके ग्यारहवें स्थान पर गोचर करेगा। जन्मपत्रिका के ग्यारहवें स्थान का सम्बन्ध हमारे आय तथा इच्छाओं की पूर्ति से होता है। मंगल के इस गोचर से आप साहसी और न्यायप्रिय होंगे, आध्यात्मिक विचारों के प्रति आपकी आस्था बढ़ेगी । 23 फरवरी आपकी कोई विशेष इच्छा पूरी होगी । साथ ही पशुपालक और व्यापारी वर्ग को भी कई तरह से फायदे मिलेंगे। हालांकि इस दौरान आपको अपनी सेहत का ख्याल रखने की आवश्यकता है। अतः मंगल के अशुभ फलों से बचने के लिये-अपनी बेटी के पति और बच्चों को चादर गिफ्ट करें।

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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