Iran Violent Protests: ईरान में खामेनेई सरकार के खिलाफ लोग सड़कों पर हैं और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। इस बीच अमेरिका की ओर से ईरान में जल्द ही बड़ी सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बात के संकेत दे दिए हैं। ईरान में खामेनेई सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारियों का ट्रंप ने समर्थन किया है। ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान 2500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। ईरान पर पल-पल बदल रही स्थिती पर नजर रखने के लिए इंडिया टीवी की डिजिटल टीम के साथ जुड़े रहें।
अमेरिका द्वारा संभावित हमलों की आशंका को देखते हुए एहतियात के तौर पर ब्रिटेन अल उदैद हवाई अड्डे से कुछ कर्मियों को वापस बुला रहा है।
सऊदी अरब ने आधिकारिक तौर पर वाशिंगटन को बता दिया है कि वह ईरान पर हमले के लिए अमेरिकी विमानों को अपने हवाई क्षेत्र से उड़ान भरने की अनुमति नहीं देगा।
अमेरिका ने कतर स्थित एक सैन्य अड्डे से सैनिकों को निकालना शुरू कर दिया है। क्या यह ईरान पर हमले का संकेत है? अल-उदैद वायु सेना अड्डे से कुछ अमेरिकी कर्मियों को निकलने का आदेश दिया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन ने ट्रंप को ईरान में लक्ष्यों के लिए कई विकल्प प्रस्तुत किए, जिनमें उसका परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल ठिकाने शामिल थे।
रूस ने अमेरिका को बड़ी चेताननी देते हुए कहा है कि ईरान पर अमेरिका का हमला उसकी 'सबसे बड़ी गलती' होगी।
ईरान ने अमेरिका द्वारा मौजूदा वैश्विक व्यवस्था के विरुद्ध की गई एकतरफा कार्रवाइयों को अनुचित ठहराया है। इसमें अमेरिका द्वारा अनुचित शुल्क लगाने और 66 अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से अलग होना शामिल है। ईरान ने कहा है कि ट्रंप के इस फैसले ने दुनिया को वैश्विक मानदंडों के टूटने की ओर धकेल दिया है। इस पर तमाम देशों की चुप्पी और निष्क्रियता इन खतरों को कम नहीं करतीं; बल्कि उन्हें और बढ़ा देती हैं। ये नीतियां देर-सवेर सभी देशों को प्रभावित करेंगी, चाहे उनका आकार या आर्थिक शक्ति कुछ भी हो।
कतर के अल उदीद एयर बेस से कुछ सैन्य कर्मियों के जाने के बारे में चल रही मीडिया रिपोर्टों के संबंध में कतर के अंतर्राष्ट्रीय मीडिया कार्यालय ने बयान जारी किया है। इस बयान में कहा गया है कि ऐसे कदम मौजूदा क्षेत्रीय तनावों के जवाब में उठाए जा रहे हैं। कतर राज्य अपने नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा और संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक उपाय करना जारी रखे हुए है, जिसमें महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और सैन्य सुविधाओं की सुरक्षा से संबंधित कार्रवाई शामिल हैं।
तेहरान में कई दिनों से जारी हिंसा के बीच बड़ा दावा किया गया है। तेहरान टाइम्स के अनुसार देश की सीमाओं पर तीन आतंकवादी टीमों की पहचान कर ईरान ने उन्हें नष्ट कर दिया है।
ईरान में हिंसा के चलते भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों को तत्काल ईरान छोड़ने और अपने दस्तावेजों को तैयार रखने का निर्देश जारी किया है। एमईए ने भारतीयों से विरोध प्रदर्शनों वाले क्षेत्रों से दूर रहने, दूतावास के संपर्क में रहने और यात्रा एवं पहचान दस्तावेज़ हमेशा तैयार रखने का आग्रह किया गया है। विदेश मंत्रालय ने एक अन्य सलाह में भारतीयों से अगले आदेश तक ईरान की यात्रा न करने का आग्रह किया है।
ईरान ने अमेरिका को बड़ी चेतावनी दी है। ईरान ने कहा कि वह अमेरिका द्वारा तेहरान पर हमले की स्थिति में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएगा। एक अज्ञात ईरानी अधिकारी के अनुसार, तेहरान ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और तुर्की सहित कई क्षेत्रीय देशों को यह चेतावनी दी है और इस बात पर ज़ोर दिया है कि ईरान के खिलाफ किसी भी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से इन देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख ने बुधवार को संकेत दिया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बावजूद, देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में गिरफ्तार किए गए लोगों पर जल्द ही मुकदमा चलाया जाएगा और फांसी की सजा होगी। ईरान के न्यायपालिका प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसेनी-एजेई का ये बयान ऐसे समय आया है जब एक्टिविस्ट्स ने चेतावनी दी थी कि गिरफ्तार किए गए लोगों को जल्द ही फांसी दी जा सकती है।
ईरानी अधिकारियों ने विरोध प्रदर्शनों को संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल द्वारा आयोजित 'दंगे' बताया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि हिंसा विदेशी प्रभाव के कारण हुई है क्योंकि ईरानी कभी भी मस्जिदों में आग नहीं लगाएंगे।
संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ईरान में उनके 500 से ज्यादा कर्मचारी सुरक्षित हैं और उनका पता चल गया है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने पत्रकारों को बताया कि देश भर में फैले अशांति और सैकड़ों प्रदर्शनकारियों की मौत को देखते हुए कई कर्मचारी घर से काम कर रहे थे। ईरान में संयुक्त राष्ट्र की कंट्री टीम में 46 अंतर्राष्ट्रीय कर्मचारी और 448 राष्ट्रीय कर्मचारी हैं।
ईरानी सरकारी टीवी का कहना है कि अधिकारी बुधवार को उन "शहीदों और सुरक्षा रक्षकों" के लिए अंतिम संस्कार करेंगे, जो पिछले हफ्ते देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में मारे गए हैं। अर्ध-सरकारी तसनीम समाचार एजेंसी, जिसे ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के करीब माना जाता है, ने बताया कि अंतिम संस्कार तेहरान यूनिवर्सिटी में होगा।
ईरान में भड़की हिंसा के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को अपना समर्थन किया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर लिखा, 'ईरानी देशभक्तों, विरोध जारी रखें, अपने संस्थानों पर कब्जा करें! हत्यारों और दुर्व्यवहार करने वालों के नाम याद रखें। उन्हें इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। मदद आ रही है।'
ईरान में विरोध प्रदर्शनों के बीच निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलावी ने ईरान की जनता के नाम संदेश जारी किया है। पहलावी ने सेना से कहा है कि वो ईरान की राष्ट्रीय सेना है, इस्लामी गणराज्य की सेना नहीं है। इसलिए उनका कर्तव्य है कि वो अपने देशवासियों के जीवन की रक्षा करें। पहलावी ने ट्रंप के बयान का हवाला देते हुए कहा कि मदद आ रही है और अपराध करने वालों को सजा दी जाएगी।
अमेरिका की ओर से ईरान पर हमले की धमकी के बाद रूस की सख्त प्रतिक्रिया सामने आई है। रूस के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका की ईरान पर हमले की धमकी को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है। मंत्रालय ने एक बयान में चेतावनी दी कि ऐसे किसी भी हमले से मध्य पूर्व की स्थिति और दुनिया की सुरक्षा के लिए बहुत बुरे परिणाम होंगे। बयान में कहा गया है कि अमेरिका ईरान के मित्र देशों को टैरिफ बढ़ाकर डराने की कोशिश कर रहा है, जो साफ-साफ ब्लैकमेलिंग है।
ईरान में विरोध प्रदर्शन के बीच अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि विरोध प्रदर्शनों पर कार्रवाई के बीच वो ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत की संभावना खत्म कर रहे हैं। ट्रंप ने ईरानी नागरिकों से कहा है कि 'मदद आ रही है।' ट्रंप ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी कि मदद में क्या शामिल होगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो ईरान में लोकतंत्र देखना चाहेंगे। उन्होंने कहा, ''हम नहीं चाहते कि लोगों को मारा जाए, और हम इन लोगों के लिए थोड़ी आजादी देखना चाहते हैं। ये लोग लंबे समय से नरक में रह रहे हैं। मेरे कुछ दोस्त हैं जो ईरान में निवेश करते थे, और उन्होंने अपने निवेश से अच्छा पैसा कमाया था। वह एक बेहतरीन जगह थी। लोग बहुत अच्छे थे। यहां तक कि लीडरशिप भी अच्छी थी, और अब यह नरक में जी रहा है।" उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास ईरान में मरने वालों की संख्या के सटीक आंकड़े नहीं हैं, लेकिन "मुझे लगता है कि यह बहुत अधिक है, बहुत ज्यादा है।"
अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, मरने वालों में 2,403 प्रदर्शनकारी थे और 147 सरकार से जुड़े लोग थे। 12 बच्चों की भी मौत हुई, साथ ही 9 ऐसे आम नागरिक भी मारे गए जो विरोध प्रदर्शन में हिस्सा नहीं ले रहे थे। एजेंसी ने बताया कि 18,100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है।
ईरान में जारी उग्र प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या 2,500 से अधिक हो गई है। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, बुधवार सुबह मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 2,571 हो गई। यह आंकड़ा दशकों में ईरान में किसी भी दूसरे विरोध प्रदर्शन या अशांति में हुई मौतों की संख्या से कहीं ज्यादा है।
ईरान में विरोध प्रदर्शन उग्र होता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने तेहरान में टैक्स विभाग का ऑफिस जला दिया है। लोगों सड़कों पर खामेनेई सरकार के विरोध में नारे लगा रहे हैं।
अमेरिका की बढ़ती धमकियों के बीच कतर और ईरान के अधिकारियों ने अहम वार्ता की है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी ने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी से फोन पर बात की है। अल थानी ने कहा कि उन्होंने "क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बढ़ाने के लिए सभी तनाव कम करने के प्रयासों, साथ ही शांतिपूर्ण समाधानों के लिए कतर के समर्थन की पुष्टि की।"
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