Iran Violent Protests: ईरान में खामेनेई सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। जनता सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरी है। इस बीच अमेरिका की ओर ईरान पर कभी भी सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि विरोध प्रदर्शनों पर कार्रवाई के बीच वो ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत की संभावना खत्म कर रहे हैं। ट्रंप ने ईरानी नागरिकों से कहा है कि 'मदद आ रही है।' ट्रंप ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी कि मदद में क्या शामिल होगा, लेकिन यह रिपब्लिकन राष्ट्रपति के कुछ दिन पहले इस्लामिक रिपब्लिक पर हमला करने की धमकी के बाद आया है। ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान मरने वालों की संख्या 2,500 से अधिक हो गई है।
'ईरान नरक में जी रहा है'
यह पूछे जाने पर कि क्या वह ईरान में लोकतंत्र देखना चाहते हैं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "आदर्श रूप से, हम ऐसा देखना चाहेंगे। हम नहीं चाहते कि लोगों को मारा जाए, और हम इन लोगों के लिए थोड़ी आजादी देखना चाहते हैं। ये लोग लंबे समय से नरक में रह रहे हैं। मेरे कुछ दोस्त हैं जो ईरान में निवेश करते थे, और उन्होंने अपने निवेश से अच्छा पैसा कमाया था। वह एक बेहतरीन जगह थी। लोग बहुत अच्छे थे। यहां तक कि लीडरशिप भी अच्छी थी, और अब यह नरक में जी रहा है।" उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास ईरान में मरने वालों की संख्या के सटीक आंकड़े नहीं हैं, लेकिन "मुझे लगता है कि यह बहुत अधिक है, बहुत ज्यादा है।"
हिरासत में 18 हजार से अधिक लोग
अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, मरने वालों में 2,403 प्रदर्शनकारी थे और 147 सरकार से जुड़े लोग थे। 12 बच्चों की भी मौत हुई, साथ ही 9 ऐसे आम नागरिक भी मारे गए जो विरोध प्रदर्शन में हिस्सा नहीं ले रहे थे। एजेंसी ने बताया कि 18,100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। ईरान की सरकार ने कुल हताहतों के आंकड़े नहीं दिए हैं। यहां मरने वालों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।
ट्रंप ने बार-बार दी है चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति ने बार-बार तेहरान को सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर उनके प्रशासन को पता चलता है कि इस्लामिक रिपब्लिक सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ घातक बल का इस्तेमाल कर रही है तो अमेरिका कार्रवाई करेगा। हाल ही में ट्रंप ने पत्रकारों से कहा था कि उनका मानना है कि ईरान उस सीमा को पार करना शुरू कर रहा है और इससे उन्हें और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम को "बहुत मजबूत विकल्पों" पर विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
ईरान करेगा पलटवार
ईरान ने देश के संसदीय अध्यक्ष के माध्यम से चेतावनी दी है कि अगर वॉशिंगटन प्रदर्शनकारियों की रक्षा के लिए बल का इस्तेमाल करता है तो अमेरिकी सेना और इजरायल उसके लेजिटीमेट टारगेट होंगे। ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी ने बताया है कि ईरान के सभी 31 प्रांतों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। जानकारी के मुताबिक मरने वालों में 1,850 प्रदर्शनकारी और 135 सरकार से जुड़े लोग थे। 16,700 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। ईरानी सरकारी मीडिया ने प्रदर्शनों के बारे में बहुत कम जानकारी दी है।
खामेनेई के लिए चुनौती बने प्रदर्शन
ईरान के खिलाफ कड़ा कदम उठाने के लिए ट्रंप के समर्थकों का कहना है कि यह समय 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से देश पर शासन करने वाली सरकार को और कमजोर करने का एक अवसर प्रदान करता है। ये प्रदर्शन ईरान में सालों में देखे गए सबसे बड़े प्रदर्शन हैं। विरोध प्रदर्शन ईरानी मुद्रा के पतन से शुरू हुए थे जो सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए चुनौती बन गए हैं।
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