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Ganesh Ji Ki Kahani, Shattila Ekadashi 2026: गणेश जी की कहानी के बिना अधूरा है षटतिला एकादशी का व्रत, इसे पढ़ने से मिलेगा अक्षय पुण्य फल

 Written By: Laveena Sharma @laveena1693
 Published : Jan 14, 2026 07:36 am IST,  Updated : Jan 14, 2026 07:36 am IST

Ganesh Ji Ki Kahani, Shattila Ekadashi 2026: आज षटतिला एकादशी है। इस दिन कई लोग व्रत रखते हैं। क्या आप जानते हैं कि इस एकादशी पर गणेश जी की कथा पढ़ने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

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गणेश जी की कथा Image Source : CANVA

Ganesh Ji Ki Kahani: धार्मिक मान्यताओं अनुसार गणेश जी की कहानी हर व्रत-त्योहारों में जरूर पढ़नी चाहिए। ऐसी मान्यता है गणेश जी की कथा पढ़ने से किसी भी व्रत का पुण्य फल प्राप्त हो जाता है। 14 जनवरी को षटतिला एकादशी और मकर संक्रांति है ऐसे में इस दिन भी गणेश जी की कहानी पढ़ना बिल्कुल भी न भूलें। हिंदू धार्मिक मान्यताओं अनुसार गणेश जी की अराधना करने से सभी कार्य बिना विघ्न के पूर्ण हो जाते हैं। यही कारण है कि किसी भी पूजा-पाठ की शुरुआत भी गणेश जी को याद करके की जाती है। चलिए आपको बताते हैं गणेश जी की पावन कथा जो एकादशी व्रत से मिलने वाले पुण्य को ओर भी ज्यादा बढ़ा देगी।

षटतिला एकादशी पर पढ़ें गणेश जी की कहानी

गणेश जी की कहानी अनुसार एक बुढ़िया माई थी जो नियमित रूप से मिट्टी के गणेश जी की पूजा किया करती थी। लेकिन उसकी परेशानी ये थी कि वो रोज मिट्टी के गणेश बनाए और वो रोज ही गल जाए। उसके घर के पास ही एक सेठ जी का मकान बन रहा था। बुढ़िया मकान बनाने वाले मिस्त्री के पास जाकर बोली मेरा पत्थर का गणेश बना दो। मिस्त्री बोले। जितने में हम तेरा पत्थर का गणेश घड़ेंगे उतने में अपनी दीवार ना चिनेंगे।

बुढ़िया क्रोधित हो गई और बोली राम करे तुम्हारी दीवार टेढ़ी हो जाए। इसके बाद उनकी दीवार टेढ़ी हो गई। अब मिस्त्री बार-बार दीवार चिनें और ढा देवें, चिने और ढा देवें। यही काम करते-करते शाम हो गई। शाम को जब सेठ जी आए तो उन्होंने पूछा कि आज कुछ भी नहीं किया। तब एक मिस्त्री ने बताया कि एक बुढ़िया आई थी वो कह रही थी मेरा पत्थर का गणेश बना दो, हमने उसकी बात नहीं मानी तो उसने कहा तुम्हारी दीवार टेढ़ी हो जाए। तब से ये दीवार सीधी बन ही नहीं रही है। 

मिस्त्री की बात सुनकर सेठ ने बुढ़िया बुलवाई और कहा हम तेरा सोने का गणेश गढ़ देंगे। बस हमारी दीवार सीधी कर दो। सेठ ने बुढ़िया को सोने का गणेश गढ़ा दिया। जिसके बाद सेठ की दीवार सीधी हो गई।  हे गणेश बगवान जैसे सेठ की दीवार सीधी की वैसी सबकी करना।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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