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क्या वजन घटाने के लिए सर्जरी सुरक्षित है? डॉक्टर से जानें जोखिम और रिकवरी की पूरी जानकारी

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Mar 03, 2026 10:01 pm IST,  Updated : Mar 03, 2026 10:01 pm IST

वजन घटाने की सर्जरी सही मरीज और सही परिस्थिति में की जाए तो सुरक्षित और प्रभावी साबित हो सकती है। लेकिन इसके साथ जोखिम भी जुड़े होते हैं।

क्या वजन घटाने के लिए सर्जरी सुरक्षित है- India TV Hindi
क्या वजन घटाने के लिए सर्जरी सुरक्षित है Image Source : FREEPIK

आज के समय में मोटापा सिर्फ दिखने की समस्या नहीं, बल्कि एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, स्लीप एपनिया, फैटी लिवर और हृदय रोग जैसी कई बीमारियां मोटापे से जुड़ी होती हैं। दिल्ली,अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जनरल एंड लेप्रोस्कोपिक सर्जरी, डॉ. अनिल मलिक, सीनियर कंसल्टेंटM जब डाइट, एक्सरसाइज और दवाओं से वजन कम नहीं होता, तब डॉक्टर बेरियाट्रिक सर्जरी (वजन घटाने की सर्जरी) की सलाह देते हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है, क्या यह सर्जरी सुरक्षित है?

क्या है वजन घटाने की सर्जरी?

वजन घटाने की सर्जरी को मेडिकल भाषा में Bariatric surgery कहा जाता है। इसमें पेट (स्टमक) का आकार छोटा कर दिया जाता है या भोजन के पाचन की प्रक्रिया में बदलाव किया जाता है, जिससे मरीज कम खाना खाता है और शरीर कम कैलोरी अवशोषित करता है। आम प्रकारों में गैस्ट्रिक बायपास और स्लीव गैस्ट्रेक्टॉमी शामिल हैं।

क्या यह सुरक्षित है?

अगर यह सर्जरी किसी अनुभवी सर्जन द्वारा और सही अस्पताल में की जाए, तो इसे सामान्यतः सुरक्षित माना जाता है। आधुनिक तकनीकों, जैसे लैप्रोस्कोपिक सर्जरी, ने इसे पहले से ज्यादा सुरक्षित और कम दर्दनाक बना दिया है। फिर भी, हर सर्जरी की तरह इसमें भी कुछ जोखिम होते हैं। इसलिए सर्जरी से पहले पूरी जांच, मेडिकल इतिहास और काउंसलिंग जरूरी होती है।

सर्जरी के लाभ

  • तेजी से वजन कम होना- सर्जरी के बाद पहले 6 से 12 महीनों में काफी वजन घटता है।

  • डायबिटीज में सुधार- कई मरीजों में टाइप-2 डायबिटीज कंट्रोल में आ जाती है या दवाएं कम करनी पड़ती हैं।

  • ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल में सुधार- हृदय रोग का खतरा कम होता है।

  • जीवन की गुणवत्ता बेहतर- सांस फूलना, जोड़ों का दर्द और थकान जैसी समस्याएं कम होती हैं।

  • लंबी उम्र की संभावना- मोटापे से जुड़ी बीमारियों का खतरा घटने से जीवन प्रत्याशा बढ़ सकती है।

संभावित जोखिम

  • ऑपरेशन के दौरान या बाद में ब्लीडिंग

  • संक्रमण

  • एनेस्थीसिया से जुड़ी जटिलताएं

  • विटामिन और मिनरल की कमी

  • उल्टी, डायरिया या गैस की समस्या

कुछ मामलों में दोबारा सर्जरी की जरूरत भी पड़ सकती है। इसलिए सर्जरी के बाद नियमित फॉलो-अप और डॉक्टर की सलाह का पालन करना जरूरी है।

रिकवरी की प्रक्रिया

सर्जरी के बाद आमतौर पर 2-3 दिन अस्पताल में रहना पड़ता है। शुरुआत में केवल लिक्विड डाइट दी जाती है, फिर धीरे-धीरे सॉफ्ट और नॉर्मल खाना शुरू कराया जाता है। पूरी तरह सामान्य दिनचर्या में लौटने में 3-6 हफ्ते लग सकते हैं।

मरीज को जीवनभर संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और विटामिन सप्लीमेंट लेने की जरूरत होती है। यह सर्जरी कोई “जादुई इलाज” नहीं है, बल्कि जीवनशैली में स्थायी बदलाव की शुरुआत है।

किन लोगों के लिए सही है?

आमतौर पर जिन लोगों का बॉडी मास इंडेक्स (BMI) 40 से अधिक है, या 35 से अधिक है और साथ में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां हैं, उनके लिए यह सर्जरी एक विकल्प हो सकती है। लेकिन अंतिम निर्णय डॉक्टर की सलाह और पूरी जांच के बाद ही लिया जाता है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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