Makar Sankranti Bhajan: मकर सक्रांति की महिमा भारी जाने दुनिया सारी...देखें मकर संक्रांति के लोकप्रिय भजन
Makar Sankranti Bhajan: मकर सक्रांति की महिमा भारी जाने दुनिया सारी...देखें मकर संक्रांति के लोकप्रिय भजन
Written By: Laveena Sharma@laveena1693
Published : Jan 14, 2026 07:11 am IST,
Updated : Jan 15, 2026 06:54 am IST
Makar Sankranti Bhajan: इस बार मकर संक्रांति का पावन पर्व कोई 14 जनवरी तो कोई 15 जनवरी को मना रहा है। इस शुभ अवसर पर स्नान-दान का विशेष महत्व माना जाता है। इसके अलावा इस दिन कुछ स्पेशल भजन जरूर सुने जाते हैं जो मकर संक्रांति के पर्व के महत्व को बताते हैं।
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मकर संक्रांति भजन
Makar Sankranti Bhajan 2026: मकर संक्रांति हिंदुओं का एक बड़ा त्योहार है जो सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के दौरान मनाया जाता है। इस बार सूर्य का मकर राशि में गोचर 14 जनवरी की दोपहर 3 बजकर 13 मिनट पर हो रहा है। ऐसे में मकर संक्रांति 14 और 15 दोनों दिन रहेगी। जो लोग 14 जनवरी को मकर संक्रांति मनाएंगे उने लिए पुण्य काल मुहूर्त दोपहर 3 बजकर 13 मिनट से शुरू होगा तो वहीं जो 15 जनवरी को ये पावन पर्व मनाएंगे उनके लिए पुण्य काल समय सूर्योदय से लेकर दोपहर 1 बजे तक रहेगा। चलिए आपको बताते हैं इस शुभ अवसर पर कौन से भजन सुने-सुनाये जाते हैं।
मकर सक्रांति के भजन (Makar Sankranti Bhajan)
मकर सक्रांति की महिमा भारी जाने दुनिया सारी
श्रद्धा भक्ति से इस दिन को पूजे सब नर और नारी
आज के दिन से तिल तिल कर के सूरज देव है बढ़ते रहते
इस प्रगति में नव संचार का प्रचार है करते रहते
सर्दी से सिकुड़ी सृष्टि को मिली है ऊर्जा प्यारी
मकर सक्रांति की महिमा भारी
आज के दिन ही मधु केटव को मधुसूदन ने मारा
मंदराचल में दीया समाधि देवताओं को उबारा
इस अवसर पर मंदराचल में लगता मेला भारी
मकर सक्रांति की महिमा भारी
सगर के साथ हजार पुत्रों को कपिल मुनि ने जलाया
सक्रांति को भागीरथ ने गंगा को मुक्त कराया
गंगासागर का उत्सव सब पवो से न्यारी
मकर सक्रांति की महिमा भारी
बाणों की शैया पर पितामह ने भारी दुख झेला
उत्तरायण के आस में उसने छोड़ ना था चोला
इस महान योद्धा की माताजी है गंगा प्यारी
मकर सक्रांति की महिमा भारी
इस त्यौहार को भारतवासी श्रद्धा से है मनाते
बीहू लोहरी पोंगल मकरानती सक्रांति कहाते
देवनदी स्नान दान करे श्रद्धालु नर नारी
मकर सक्रांति की महिमा भारी
कोई नई फसल पाए तो कोई गिद्दा गाए
14 15 जनवरी को ही मकर सक्रांति आएं
हर से हार गई यह सर्दी आई सूरज की बारी
मकर सक्रांति की महिमा भारी
मकर संक्रांति त्योहार आओ मिलकर मनाये
मकर संक्रांति त्योहार आओ मिलकर मनाये
अब न रुक पाउगा गंगा धाम जाउगा
गंगा के पावन जल में डुबकी लगाऊंगा
मकर संक्रांति त्यौहार आओ मिलकर मनाये
मै भी संग जाउंगी खुशिया मनाऊंगी
गंगा के पवन जल में डुबकी लगाऊंगी
मकर संक्रांति त्यौहार आओ मिलकर मनाये
अब न रुक पाउगा गंगा धाम जाउगा
गंगा के पावन जल में डुबकी लगाऊंगा
मकर संक्रांति त्यौहार आओ मिलकर मनाये
मै भी संग जाउंगी खुशिया मनाऊंगी
गंगा के पवन जल में डुबकी लगाऊंगी
मकर संक्रांति त्यौहार आओ मिलकर मनाये
कर लिया है प्रवेश जब सूर्य देव मकर राशि में,
भीड उमड़ी भक्तो की देखो हरिद्वार काशी में,
दान धरम आज को मिलता उत्तम फल है
सच्ची भक्ति पूजा से होत बेहतर कल है
महिमा त्योहार की मैं जग को सुनाऊँगा,
गंगा के पवन जल मैं डुबकी लगाउंगी,
मकर संक्रांति त्यौहार, आओ मिलकर मनाएं,
मै भी संग जाउंगी खुशिया मनाऊंगी
गंगा के पवन जल में डुबकी लगाऊंगी
आज के दिन गंगा माँ मिलती सागर से
लाखों श्रद्धालु आते आज गंगा सागर में,
पाप कटेंगे सारे, माँ गंगा में नहा के,
चूड़ा दही और तिल से थाली आज सजा के,
पूजा करुंगी खिचड़ी पकाऊंगी,
गंगा के पवन जल में डुबकी लगाऊंगी
मकर संक्रांति त्यौहार, आओ मिलकर मनाएं,
अब न रुक पाउगा गंगा धाम जाउगा
गंगा के पावन जल में डुबकी लगाऊंगा
मकर संक्रांति त्यौहार आओ मिलकर मनाये
मै भी संग जाउंगी खुशिया मनाऊंगी
गंगा के पवन जल में डुबकी लगाऊंगी
मकर संक्रांति त्यौहार आओ मिलकर मनाये
संक्रांति का दिन आया बधाई हो लिरिक्स
आज खुशियों भरा दिन आया बधाई हो बधाई सबको,
संक्रांति का दिन आया बधाई हो बधाई सबको,
आज भक्ति का दान मांगे हम, आखरी दम तक सेवा करें हम,
श्री चरणों का मिला है सहारा, बधाई हो बधाई सबको,
आज खुशियों भरा दिन आया.....
प्रभु के प्यार का दीप जलाए, प्यारी छवि को दिल में बसाए,
प्रेमियों ने आनंद पाया बधाई हो बधाई सबको,
आज खुशियों भरा दिन आया.....
दासन दास की अर्जी ये सुन लो, भक्ति प्रेम से झोलियां भर दो,
सबने आनंद पाया बधाई हो बधाई सबको,
आज खुशियों भरा दिन आया.....
गंगा सागर आया करो हर हर गंगे बुलाया करो मकर संक्रांति भजन
गंगा सागर आया करो
हर हर गंगे बुलाया करो
गंगा सागर आया करो
जाई मा गागने बुलाया करो
प्रेम से गोता लगाया करो
हर हर गंगे बुलाया करो
गंगा सागर आया करो
हर हर गंगे बुलाया करो
कपिल मुनि का आशारम प्यारा
गंगा सागर का है किनारा
श्रद्धा से दर्शन पाया
हर हर गांगे बुलाया करो
सारे तीरथ हो बार बार
गंगा सागर बस एक बार
तट पे शीश झुकाया करो
हर हर गांगे बुलाया करो
गंगा सागर आया करो
हर हर गांगे बुलाया करो
गंगा सागर तीरथ आओ
अपना जीवन सफल बनाओ
गंगा में डुबकी लगाया करो
हर हर गांगे बुलाया करो
गंगा सागर आया करो
हर हर गांगे बुलाया करो
गंगा सागर अमराट पीलो
गंगा की भक्ति में जीलो
अपने मान में मान में
नाम ध्यया करो
हर हर गांगे बुलाया करो
गंगा सागर आया करो
हर हर गांगे बुलाया करो
ॐ जय सूर्य भगवान जय हो दिनकर भगवान
ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।
जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।
धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान ॐ जय सूर्य भगवान।।
सारथी अरुण हैं प्रभु तुम, श्वेत कमलधारी। तुम चार भुजाधारी।।
अश्व हैं सात तुम्हारे, कोटि किरण पसारे। तुम हो देव महान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान ॐ जय सूर्य भगवान।।
ऊषाकाल में जब तुम, उदयाचल आते। सब तब दर्शन पाते।।
फैलाते उजियारा, जागता तब जग सारा। करे सब तब गुणगान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान ॐ जय सूर्य भगवान।।
संध्या में भुवनेश्वर अस्ताचल जाते। गोधन तब घर आते।।
गोधूलि बेला में, हर घर हर आंगन में। हो तव महिमा गान।।