1. Hindi News
  2. हेल्थ
  3. फैटी लिवर होने पर नारियल पानी पीना चाहिए या नहीं?

फैटी लिवर होने पर नारियल पानी पीना चाहिए या नहीं?

 Written By: Ritu Raj
 Published : Mar 03, 2026 08:46 pm IST,  Updated : Mar 03, 2026 08:46 pm IST

फैटी लिवर की समस्या बहुत आम हो चुकी है। इसकी असल वजह है खराब लाइफस्टाइल और जंक फूड का ज्यादा सेवन। फैटी लिवर होने पर लोगों को नारियल पानी पीने की सलाह दी जाती है, लेकिन सवाल ये है कि क्या नारियल पानी पीने से फैटी लिवर ठीक होता है या नहीं। चलिए जानते हैं।

फैटी लिवर होने पर नारियल पानी पीना चाहिए या नहीं?- India TV Hindi
फैटी लिवर होने पर नारियल पानी पीना चाहिए या नहीं? Image Source : FREEPIK

खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी फूड्स खाने की वजह से लोगों को तरह तरह की बीमारियां होने लगी है। सबसे कॉमन बीमारी जिससे सबसे ज्यादा लोग प्रभावित हैं वो है डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, थायराइड। लेकिन और एक बीमारी जो जंक फूड्स और ऑयली फूड्स का सेवन करने वाले लोगों के बीच बढ़ते जा रहा है वो है फैटी लिवरी की समस्या। फैटी लिवर की समस्या इन दिनों बहुत आम हो चुकी है, इससे कई लोग परेशान हैं। फैटी लिवर को कम करने के लिए लोग तरह तरह के उपाय करते हैं। इनमें नारियल पानी का सेवन भी शामिल है। लेकिन सवाल ये उठता है कि फैटी लिवर में नारियल पानी पीना चाहिए या नहीं। डॉक्टर से जानेंगे कि फैटी लिवर होने पर नारियल पानी पिएं या नहीं।

क्या कहते हैं डॉक्टर 

डॉ. सैयद उज़ैर यावर, गैस्ट्रोलॉजिस्ट, प्रकाश हॉस्पिटल का कहना है कि फैटी लिवर होने पर नारियल पानी पीना चाहिए या नहीं इस बात पर निर्भर करता है कि बीमारी किस स्टेज में है और मरीज का मेटाबॉलिक कैसा है, खासकर ब्लड शुगर का स्तर कैसा है। नारियल पानी प्राकृतिक रूप से शरीर को हाइड्रेट करता है और इसमें पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद हैं। इसमें फैट नहीं होता, इसलिए यह सीधे तौर पर लिवर में फैट नहीं बढ़ाता। लेकिन इसमें कुछ प्राकृतिक शर्करा जरूर होती है। जिन मरीजों को फैटी लिवर के साथ डायबिटीज, इंसुलिन रेजिस्टेंस या मोटापा भी है, उनमें नारियल पानी का अधिक सेवन ब्लड शुगर बढ़ा सकता है। लगातार बढ़ा हुआ ब्लड शुगर लिवर में फैट जमा होने की प्रक्रिया को अप्रत्यक्ष रूप से और खराब कर सकता है।

नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) का सीधा संबंध मेटाबॉलिक सिंड्रोम से होता है, जैसे पेट के आसपास मोटापा, हाई ट्राइग्लिसराइड, हाई ब्लड शुगर और निष्क्रिय जीवनशैली। इसके इलाज की बुनियाद है वजन नियंत्रित रखना, संतुलित आहार लेना, नियमित व्यायाम करना और शुगर को नियंत्रित रखना। सीमित मात्रा में, जैसे दिन में लगभग एक गिलास और वह भी बिना एक्सट्रा शक्कर मिलाए, नारियल पानी आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है। लेकिन इसे फैटी लिवर का इलाज नहीं समझना चाहिए।

एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि शुरुआती स्टेज के फैटी लिवर में अक्सर कोई लक्षण नहीं होते। इसी वजह से कई लोग ‘नेचुरल ड्रिंक’ या घरेलू उपायों पर भरोसा करने लगते हैं, यह सोचकर कि इससे लिवर साफ हो जाएगा। जबकि वास्तव में कोई एक पेय फैटी लिवर को ठीक नहीं कर सकता। लंबे समय तक अच्छी लाइफस्टाइल में बदलाव ही अधिक प्रभावी होता है। अगर ब्लड शुगर नियंत्रित है और लिवर में NASH या फाइब्रोसिस जैसी उन्नत जटिलताएं नहीं हैं, तो सीमित मात्रा में नारियल पानी लिया जा सकता है। लेकिन जिन मरीजों की डायबिटीज नियंत्रित नहीं है या जिनको लिवर की उन्नत बीमारी है, उन्हें इसे नियमित रूप से लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। फैटी लिवर का असली समाधान किसी एक पेय में नहीं, बल्कि लंबे समय तक मेटाबॉलिक संतुलन और अनुशासित लाइफस्टाइल में छिपा है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। हेल्थ से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।