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Mesh Sankranti 2026: मेष संक्रांति और त्रिपुष्कर योग का शुभ संयोग, जरूर करें ये 4 काम, सूर्य जैसी चमक उठेगी आपकी किस्मत

 Written By: Laveena Sharma @laveena1693
 Published : Apr 13, 2026 01:35 pm IST,  Updated : Apr 14, 2026 11:32 am IST

Mesh Sankranti 2026: जब सूर्य देव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करते हैं, तब मेष संक्रांति मनाई जाती है। ये पहली संक्रांति भी कहलाती है। कहते हैं इस दिन स्नान-दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है। चलिए जानते हैं मेष संक्रांति का पुण्य काल कब से कब तक रहेगा और इस दिन क्या-क्या करना चाहिए।

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मेष संक्रांति पर क्या करें Image Source : CANVA

Mesh Sankranti 2026: मेष संक्रांति बेहद शुभ संक्रांति मानी जाती है। इस दिन सूर्य देव की पूजा करने और पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व माना गया है। मेष संक्रांति पर खरमास का भी समापन हो जाता है। इस संक्रांति को कहीं पना संक्रांति के नाम से मनाया जाता है तो कहीं विषु कानी, पुथन्डु, बिहू और वैसाखी के नाम से सेलिब्रेट करते हैं। इस संक्रांति से सूर्य देव सभी 12 राशियों में गोचर करने की अपनी यात्रा का शुभारंभ करते हैं। चलिए जानते हैं इस संक्रांति पर क्या-क्या किया जाता है और इसका शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

मेष संक्रांति का शुभ मुहूर्त (Mesh Sankranti Shubh Muhurat 2026)

मेष संक्रान्ति का पुण्य काल मुहूर्त 14 अप्रैल की सुबह 05 बजकर 57 मिनट से दोपहर 01 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। वहीं मेष संक्रान्ति पर महा पुण्य काल सुबह 07 बजकर 30 से सुबह 11 बजकर 47 मिनट तक रहेगा।

मेष संक्रांति पर क्या करना चाहिए (Mesh Sankranti Ke Din Kya Karna Chahiye)

  1. मेष संक्रांति के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना चाहिए। शास्त्रों अनुसार इस दिन गंगा नदी में स्नान करना बेहद पुण्य का काम माना जाता है। लेकिन अगर नदी स्नान संभव न हो तो कम से कम नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर तो स्नान जरूर ही करना चाहिए। इससे शुभ फलों की प्राप्ति होगी।
  2. स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य जरूर देना चाहिए।
  3. इस दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है, इसलिए इसका पाठ जरूर करें।
  4. साथ ही इस दिन दान करने का भी विशेष महत्व माना जाता है। खासतौर पर जूते-चप्पल, वस्त्र और अन्न दान इस दिन बेहद फलदायी माना गया है। कहते हैं इससे ग्रह दोषों और असाध्य रोगों से छुटकारा मिलता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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