इस समय शनि मीन राशि में विराजमान हैं और 3 जून 2027 तक ये इसी राशि में विराजमान रहेंगे। इसके बाद मेष राशि में प्रवेश कर जायेंगे। शनि जैसे ही मेष राशि में गोचर शुरू करेंगे वैसे ही वृषभ राशि वालों पर शनि साढ़े साती का पहला चरण शुरू हो जाएगा जबकि कुंभ राशि वालों को शनि की इस महादशा से छुटकारा मिल जाएगा। चलिए जानते हैं वृषभ राशि वालों के लिए शनि की साढ़े साती कैसी रहेगी।
वृषभ वालों पर शुरू होगी शनि साढ़ेसाती
साढ़ेसाती के दौरान वृषभ राशि वालों को अधिक धैर्य रखने की जरूरत होगी क्योंकि कार्यों में सफलता मिलना मुश्किल हो जाएगा। संघर्षों में वृद्धि होगी। वाणी पर संयम बरतना होगा नहीं तो किसी करीबी से संबंध बिगड़ जायेंगे। स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं ज्यादा रहेंगी। हर विषय पर नकारात्मक सोचने लगेंगे। पार्टनर के साथ तालमेल बिठाना मुश्किल होगा। बिजनेस और नौकरी में नुकसान की संभावना रहेगी। आर्थिक मामलों को लेकर बेहद सावधानी बरतनी होगी।
ढाई साल रहेंगे बेहद मुश्किल
वृषभ राशि वालों के लिए साढ़ेसाती का सबसे मुश्किल समय 8 अगस्त 2029 से लेकर 31 मई 2032 तक रहेगा। इस समय वृषभ वालों पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा होगा जो कि सबसे मुश्किल चरण माना जाता है। इस चरण में साढ़ेसाती अपने चरम पर होती है इसलिए ही ये चरण सबसे कष्टदायी माना जाता है।
साढ़ेसाती के बुरे प्रभाव से बचने के लिए क्या करें?
साढ़ेसाती के बुरे प्रभाव से बचने के लिए हर शनिवार में शनि मंदिर जाएं और वहां शनि देव की प्रतिमा के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इसके अलावा एक दीपक पीपल के पेड़ के सामने भी जलाएं इससे आपको साढ़ेसाती के बुरे प्रभाव से मुक्ति मिल जाएगी।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
यह भी पढ़ें:
घरों में क्यों लगाई जाती है सात भागते घोड़ों की तस्वीर, क्या हैं इसके फायदे