सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा के साथ ही व्रत, दान-पुण्य और आध्यात्मिक क्रियाकलाप करने से भी शुभ फलों की प्राप्ति होती है। साल 2025 में सावन का महीना 11 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। शिव जी के प्रिय माह सावन में आपको घर के कुछ विशेष स्थानों पर दीपक अवश्य जलाना चाहिए। दीपक जलाने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और आपके जीवन में व्याप्त अज्ञान रूपी अंधकार को दूर करते हैं। आइए जान लेते हैं कि घर के किन स्थानों पर सावन में आपको दीपक जलाना चाहिए।
सावन के दौरान इन स्थानों पर जलाएं दीपक
मुख्य द्वार पर जलाएं दीपक: सावन माह के दौरान आपको घर के मुख्य द्वार पर दीपक अवश्य जलाना चाहिए। खासकर सावन के सोमवार के दिन ऐसा करने से आपको बेहद शुभ फलों की प्राप्ति होती है। घर के मुख्य द्वार के पास जला दीपक जहां शिवजी को प्रसन्न करता है वहीं आपके घर में मौजूद नकारात्मकता भी दूर होती है।
शिव परिवार के समक्ष: सावन माह के दौरान घर में पूजा स्थल पर आपको शिव परिवार की तस्वीर या प्रतिमा अवश्य रखनी चाहिए और साथ ही हर दिन सुबह और शाम के समय वहां दीपक जलाना चाहिए। ऐसा करने से आपको पारिवारिक जीवन में सुखद फलों की प्राप्ति होती है। आपके घर में हमेशा सुख-शांति का वास बना रहता है।
ईशान कोण में जलाएं दीपक: घर की उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान कोण कहा जाता है। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार यह दिशा देवी-देवताओं का निवास स्थल है। इसलिए सावन माह के दौरान आपको इस स्थान पर भी दीपक जरूर जलाना चाहिए। यहां जलाया गया दीपक आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और देवी-देवताओं की कृपा भी आपको प्राप्त होती है।
बेलपत्र के समक्ष जलाएं दीपक: भगवान शिव को बेलपत्र अतिप्रिय है। अगर आपके घर के पास कहीं बेल का पेड़ है तो उसके समक्ष भी आपको दीपक अवश्य जलाना चाहिए। ऐसा करने से भगवान शिव प्रसन्न होकर आपके जीवन में अच्छे बदलाव लाते हैं।
शिव मंदिर में दीपक: सावन के माह में हर सोमवार के दिन किसी शिव मंदिर में जाकर आपको दीपक जलाना चाहिए। हर सोमवार को ऐसा करना संभव न भी हो तो किसी एक सोमवार को मंदिर में दीपक अवश्य जलाएं। शिव मंदिर में दीपक जलाने से आपके सभी कष्ट दूर होते हैं और धन-धान्य की आपको प्राप्ति होती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)