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Surya Grahan 2024: साल का दूसरा सूर्य ग्रहण कब है? जानें सूतक काल लगेगा या नहीं, यहां जानिए डेट और टाइमिंग

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Jun 04, 2024 03:08 pm IST,  Updated : Jun 04, 2024 03:12 pm IST

Solar Eclipse 2024: इस साल का दूसरा सूर्य ग्रहण इस महीने में लगने वाला है। सूर्य ग्रहण के दौरान सूतक काल का खास महत्व होता है। इस दौरान कई कार्यों को करने की मनाही होती है। तो आइए जानते हैं साल 2024 का सूर्य ग्रहण कब और कितने देर तक के लिए लगेगा

Surya Grahan 2024- India TV Hindi
Surya Grahan 2024 Image Source : INDIA TV

Solar Eclipse 2024: हिंदू धर्म में चंद्र और सूर्य दोनों ग्रहण का धार्मिक महत्व बताया गया है। धार्मिक दृष्टि से ग्रहण काल को शुभ नहीं माना गया है। इस दौरान बहुत से ऐसे कार्य जिन्हें करने की मनाही होती है। साल 2024 का पहला सूर्य ग्रहण 8 अप्रैल 2024 को लगा था। हालांकि पहला सूर्य ग्रहण भारत में नहीं नजर आया था। तो आइए अब जानते हैं कि इस साल का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगने वाला है।

2024 में दूसरा सूर्य ग्रहण कब है?

आपको बता दें कि साल 2024 का दूसरा सूर्य ग्रहण 2 अक्टूबर को लगने वाला है। ग्रहण का समय काफी लंबा रहेगा। सूर्य ग्रहण रात 9 बजकर 13 मिनट से अगले दिन यानी 3 अक्टूबर को सुबह 3 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। दूसरा सूर्य ग्रहण की अवधि करीब 6 घंट तक की रहेगी। 

दूसरा सूर्य ग्रहण कहां-कहां दिखाई देगा?

साल का दूसरा सूर्य ग्रहण भी भारत में नहीं दिखाई देगा। 2 अक्टूबर 2024 को लगने वाला दूसरा ग्रहण अमेरिका, अर्जेटीना, अंटार्कटिका, उरुग्वे, होनोलूलू, ब्यूनत आयर्स, आर्कटिक, प्रशांत महासागर, पेरी, चिली, और आइलैंड के उत्तरी भाग में दिखाई देगा।

सूर्य ग्रहण 2024 सूतक काल का समय

साल 2024 का दूसरा सूर्य ग्रहण 2 अक्टूबर को लग रहा है। लेकिन ये सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा। इस वजह से सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। बता दें कि सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले ही सूतक काल लग जाता है। सूतक काल के दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। सूतक काल के समय पूजा-पाठ और कोई मांगलिक, धार्मिक कार्यों को करने की मनाही होती है। गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। कहते हैं कि सूतक काल के दौरान भगवान का नाम लेकर उनके मंत्रों का जाप करना चाहिए। मंत्रों का जाप करने से ग्रहण का दुष्प्रभाव कम होता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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