Bhojan Vaastu Niyam: वास्तु शास्त्र का प्रभाव हमारे हमारे हर छोटे-बड़े कामों पर पड़ता है। खासकर खाने-पीने से जुड़ी आदतें न सिर्फ हमारे स्वास्थ्य, बल्कि घर के माहौल को भी प्रभावित करती हैं। हम कैसे बैठकर खाना खाते हैं, किस तरह से भोजन परोसते हैं या थाली में क्या-क्या रखते हैं? ये सभी बातें ऊर्जा के प्रवाह से जुड़ी होती हैं। भोजन से जुड़े साधारण वास्तु नियमों को मानने से घर की पॉजिटिविटी और समृद्धि बनी रहती है। वहीं, इन्हें नजर अंदाज भारी पड़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि भोजन से जुड़े इन वास्तु नियमों को समझा जाए और अपनी रूटीन का हिस्सा बनाया जाए।
सही दिशा में करें भोजन
वास्तु के अनुसार, खाना खाते समय दिशा का खास ध्यान रखना चाहिए। उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुख करके खाना सबसे शुभ होता है। यह दिशा सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत मानी जाती है, जो शरीर और मन दोनों को फायदा पहुंचाती है। वहीं, दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके भोजन करना अच्छा नहीं माना जाता। इससे नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
थाली का सही चुनाव जरूरी
भोजन की थाली भी आपकी ऊर्जा को प्रभावित करती है। वास्तु अनुसार कांसे की थाली को सबसे अच्छा माना गया है, क्योंकि यह सेहत के लिए फायदेमंद होती है। अगर कांसे की थाली उपलब्ध न हो तो स्टील का उपयोग किया जा सकता है। लेकिन प्लास्टिक की थाली से बचना चाहिए। साथ ही टूटी या चटकी हुई थाली में भोजन करना खाना अशुभ माना जाता है, इसलिए हमेशा साफ और सही हालत वाली थाली का ही इस्तेमाल करें।
रोटियों की संख्या का रखें ध्यान
भोजन परोसते समय सलीके का ध्यान रखना भी जरूरी है। थाली में सबसे पहले चावल और रोटी रखना शुभ माना जाता है, क्योंकि इन्हें समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। रोटियों की संख्या भी मायने रखती है। वास्तु के अनुसार एक साथ 1, 2 या 4 रोटियां परोसना अच्छा माना जाता है, जबकि 3 रोटियां परोसने से बचना चाहिए।
नमक और अचार रखने के नियम
खाने की थाली में नमक और अचार रखने का तरीका भी महत्वपूर्ण होता है। अगर आप अतिरिक्त नमक लेते हैं, तो उसे थाली के दाईं ओर रखना चाहिए। वहीं, अचार को बाईं तरफ रखना शुभ माना गया है। भोजन से जुड़े ये आसान वास्तु नियम अपनाकर आप न सिर्फ अपनी दिनचर्या सुधार सकते हैं, बल्कि घर के माहौल को भी सुखद और एनर्जेटिक बना सकते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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