1. Hindi News
  2. धर्म
  3. वास्तु टिप्स
  4. Vastu Tips: कन्या भोजन कराने से घर में आएगी खुशहाली, मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर कर देंगी मालामाल, जानें वास्तु नियम

Vastu Tips: कन्या भोजन कराने से घर में आएगी खुशहाली, मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर कर देंगी मालामाल, जानें वास्तु नियम

 Written By: Acharya Indu Prakash Edited By: Vineeta Mandal
 Published : Oct 03, 2022 07:33 am IST,  Updated : Oct 08, 2022 07:43 am IST

Vastu Tips: आज महाअष्टमी की पूजा की जा रही है। यह दिन महागौरी को समर्पित है। नवरात्रि के आठवें दिन हर घर में कन्याओं को भोजन कराया जाता है। आज आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए कि किस नियम और विधि के साथ कन्या पूजन करना चाहिए।

Vastu Tips, Kanya Pujan- India TV Hindi
नवरात्रि के आठवें दिन कन्या पूजन करने से मन की हर मनोकामना पूरी होती है। Image Source : IMAGE SOURCE : INDIA TV

Highlights

  • कन्याओं को उर्ध्व मुख, यानि ऊपर की ओर देखकर दक्षिणा दें।
  • कन्या पूजन करने से विवाहित महिलाओं को संतान की प्राप्ति होती है।
  • निर्णयसिंधु और दुर्गार्चन पद्धति में कन्या भोजन का विधान बताया गया है।

Navratri 2022 Maha Ashtami Puja: आज नवरात्रि के पावन पर्व का आठवां दिन है। इस दिन महागौरी की उपासना की जाती है। अष्टमी के दिन 9 कन्याओं को भोजन कराने का भी विशेष महत्व है। कन्या पूजन से माता रानी मनवांछित फल प्रदान करती हैं। छोटी-छोटी बच्चियों को मां दुर्गा के स्वरूप समान माना जाता है, इसलिए नवरात्रि में कन्या भोज जरूर कराना चाहिए। कई जगह कन्या पूजन को कंजक खिलाना भी कहते हैं। कन्या पूजन के लिए 9 कन्या या उससे ज्यादा भी रख सकते हैं। बता दें कि अष्टमी और नवमी के दिन कन्याओं को भोजन कराने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं। साथ ही घर में वैभव, खुशहाली और समृद्धि बनी रहती है। 

ये भी पढ़ें: Navratri Upay: नवरात्रि के आठवें दिन कपूर से करें ये उपाय, आर्थिक तंगी होगी दूर, धन धान्य बढ़ेगा

वास्तु शास्त्र के मुताबिक करें कन्या पूजन

निर्णयसिंधु और दुर्गार्चन पद्धति में कन्या भोजन का विधान बताया गया है। कन्या भोजन के पांच हिस्से हैं- पहला आई हुई कन्याओं के हाथ-पैर धुलाना, फिर उनके मस्तक पर टीका लगाना, उनका नीराजन करना, भोजन कराना,  उन्हें दक्षिणा देना और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करना। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इन सब कार्यों के लिए एक उचित दिशा निर्धारित है। वास्तु के मुताबिक, पूर्व दिशा की ओर मुख करके कन्याओं को अर्घ्य और पाद्य देना चाहिए। वहीं दक्षिण-पूर्व की ओर मुख करके नीराजन करना चाहिए। फिर उत्तर-पूर्व की ओर मुख करके टीका लगाएं। सम्मुख होकर कन्याओं को भोजन कराएं।

वास्तु शास्त्र के अनुसार, उर्ध्व मुख, यानि ऊपर की ओर देखकर दक्षिणा दें। इसके अलावा अधोमुख होकर, यानि पृथ्वी की ओर देखते हुए आशीर्वाद ग्रहण करना चाहिए। इस तरह उचित दिशा के अनुसार सारे कार्य करने से वास्तु के शुभ फल प्राप्त होते हैं। 

ये भी पढ़ें: Vastu Tips: घर के मुख्य द्वार पर इन चीज़ों को रखते ही पैसों के सागर में लगाएंगे गोते, घर में होगा माँ लक्ष्मी का वास

कन्या भोजन का महत्व

कन्याएं आनंद से भोजन ग्रहण करती हैं, जिससे घर में भी सब सुख समृद्धि बनी रहती है। कन्याओं को भोजन कराने से विवाहित महिलाओं की सूनी गोद भर जाती है यानी कि उन्हें स्वस्थ संतान की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, कन्याओं के रूप में मां दुर्गा स्वंय अपने अलग-अलग रूपों में कन्या पूजन के लिए आती हैं।

और पढ़ें: Vastu Shastra: तुलसी के आसपास भूलकर भी ये चीज़ें न रखें, वरना रूठ जाएंगी माँ लक्ष्मी, एक-एक पैसे के लिए हो जाएंगे मोहताज

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Vastu Tips से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें धर्म