सौरव गांगुली के बाद अब टीम इंडिया के पूर्व ओपनर और कोलकता नाइट राइडर्स के कप्तान गौतम गंभीर ने भी पूर्व टीम डायरेक्टर रवि शास्त्री की खिंचाई कर दी है। उन्होंने सीधे शास्त्री पर हमला होलते हुए कहा कि वो टीम का कोच नहीं चुने जाना बर्दाश्त ही नहीं कर पा रहे हैं।
एक टीवी न्यूज़ चैनल से बातचीत के दौरान गंभीर ने कहा कि कोच नहीं चुने के बाद रवि शास्त्री जिस तरह से अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं इससे बस उनकी हताशा ही झलकती है। गंभीर ने जले पर नमक छिड़कते हुए कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम के कोच के लिए अनिल कुंबले से बेहतर विकल्प और कोई हो ही नहीं सकता था।
शास्त्री रेस में थे ही नही
कहा तो ये जा रहा था कि शास्त्री कोच की दौड़ में सबसे आगे थे लेकिन गंभीर ने कहा कि कुंबले सबसे आगे थे। उन्होंने कहा, 'रवि शास्त्री से यह बात हजम ही नहीं हो रही है कि उन्हें कोच का पद नहीं मिला। बीसीसीआई ने जिस तरह से कोच चुना उसमें अनिल कुंबले ही सर्वक्षेष्ठ उम्मीदवार थे।'
उन्होंने कहा कि शास्त्री लगातार दावा कर रहे हैं कि उनके कार्यकाल में टीम इंडिया बहुत कामयाब रही फिर हम बांग्लादेश में वनडे सीरीज क्यों हारे, दक्षिण अफ्रीका से घरेलू वनडे सीरीज क्यों हारे। हमने दो वर्ल्ड कप खेले (ऑस्ट्रेलिया में 2015 वनडे वर्ल्ड कप और भारत में 2016 टी-20 वर्ल्ड कप) एक हमने भारत में खेला और फिर भी सेमीफाइनल तक ही पहुंच सके। यह कोई बड़ी उपलब्धि नहीं है।
टीम के प्रति शास्त्री के कमिटमेंट पर सवाल
गंभीर ने हमले जारी रखते हुए कहा, 'आप दिखाना चाहते हो कि आपके कार्यकाल में हम टी-20 और टेस्ट में नंबर वन टीम बने। लेकिन पिछले 18 महीनों में हमने कितनी जीत हासिल की हैं? एशिया से बाहर कोई सीरीज नहीं जीते, दक्षिण अफ्रीका से घर में हारे, बांग्लादेश गए वहां हार गए।'
गंभीर ने शास्त्री की कमिटमेंट पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि कुंबले बेस्ट ऑप्शन हैं क्योंकि वो मेहनती क्रिकेटर रहे हैं और वही एटिट्यूड टीम में लेकर आएंगे। रवि शास्त्री से पूछिए पिछले 18 महीने में वो टीम को कहां से कहां ले गए?'