पोर्ट आफ स्पेन: रविचंद्रन अश्विन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ चार टेस्ट की श्रृंखला में दो शतक जड़े और 17 विकेट चटकाए और भारत के इस शीर्ष स्पिनर ने कहा कि उन्हें इस श्रंखला से अच्छे नतीजों की उम्मीद थी। चौथा टेस्ट बारिश की भेंट चढ़ने के बाद भारत ने श्रृंखला 2-0 से अपने नाम की। क्वीन्स पार्क ओवल में बारिश और मैदान गीला होने के कारण कल लगातार चौथे दिन एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी।
अश्विन ने कहा, निजी तौर पर मैं कहना चाहूंगा कि मुझे इस तरह की श्रृंखला की उम्मीद थी। उन्हौंने कहा, जरूरी नहीं कि ऐसी श्रृंखला जहां मै दो शतक लगाउं लेकिन मुझे पता था कि बल्लेबाजी में योगदान काफी महत्वपूर्ण होगा। यहां आने से पहले मुझे नहीं पता था कि मुझे छठे नंबर पर बल्लेबाजी करनी होगी। स्वदेश में बिना किसी अपेक्षाओं के मैंने यहां डेढ़ महीने कड़ी मेहनत की और इसका फायदा मिला। अश्विन ने श्रृंखला में दो शतक की मदद से 235 रन बनाए और पारी में दो बार पांच या इससे अधिक विकेट सहित 17 विकेट भी हासिल किए जिसके कारण उन्हें मैन आफ द सीरीज चुना गया। इस गेंदबाज को टेस्ट श्रृंखला में छठी बार मैन आफ द सीरीज चुना गया है और वह इस उपलब्धि के मामले में वीरेंद्र सहवाग को पीछे छोड़कर भारतीयों में सबसे आगे निकल गए हैं।
अश्विन ने कहा, मुझे वेस्टइंडीज को थोड़ा श्रेय देने की जरूरत है। उनका शीर्ष क्रम जल्द आउट हो गया जिससे मुझे समय और मौका मिला। अधिकांश टीमें शीर्ष क्रम में शतक जड़ती हैं। मुझे लगता है कि यह मनोवैग्यानिक पहलू है। उन्होंने कहा, इस टेस्ट में मैं अच्छी गेंदबाजी करने की कोशिश कर रहा था क्योंकि निजी तौर पर मैं अपने शतक से अधिक अपने पांच विकेट का लुत्फ उठाता हूं। मैं सिर्फ कहने के लिए ऐसा नहीं बोल रहा। मैं गंभीर हूं। अश्विन ने कहा, मैं जिस शतक को सहेजकर रखना चाहूंगा और पांच विकेट पर तरजीह दूंगा वह कोलकाता का शतक है और संभवत: सेंट लूसिया का शतक है। यह रन बनाने या विकेट चटकाने से अधिक मैच की स्थिति से संबंधित है।