
कुंद्रा को भी पैनल से कोई रियायत नहीं मिली । उसने इस आधार पर रियायत की मांग की थी कि उसने और उसके परिवार ने क्रिकेट से प्यार के लिये आईपीएल में इतना निवेश किया और उनका मकसद आर्थिक फायदा नहीं था । उसने यह भी कहा था कि वह फ्रेंचाइजी में अपना हिस्सा छोड़ने को भी तैयार है लेकिन न्यायालय ने कहा कि इससे उसके कदाचार की गंभीरता कम नहीं होती।