कानपुर: भारत की मजबूत टीम के कल से यहां शुरू हो रहे न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की श्रृंखला के पहले और टीम के एतिहासिक 500वें टेस्ट में घरेलू हालात का फायदा उठाकर दबदबा बनाने की उम्मीद है। इस टेस्ट मैच के साथ 13 टेस्ट मैचों के लंबे घरेलू सत्र की शुरूआत भी होगी। भारतीय टीम का यह 500वां टेस्ट है। टीम ने अपना पहला टेस्ट 1932 में खेला था जब भारत पर ब्रिटेन का नियंत्रण था। लेकिन तब से अब तक भारतीय टीम ने विश्व क्रिकेट में काफी कुछ हासिल किया है। स्पिन की अनुकूल पिच पर हमेशा भारतीय टीम काफी मजबूत नजर आती है और न्यूजीलैंड के खिलाफ भी यही कहानी दोहराए जाने की उम्मीद है और मेहमान टीम असाधारण प्रदर्शन करके ही हार से बच सकती है।
पहले टेस्ट पर हालांकि बारिश का साया भी मंडरा रहा है और अगले छह दिन में तेज बारिश की भविष्यवाणी की गई है। ग्रीन पार्क की पिच के पारंपरिक भारतीय टेस्ट विकेट के अनुरूप होने की उम्मीद है जहां स्पिनर बड़ी भूमिका निभाते हैं। ऐसे में कप्तान विराट कोहली को आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन, लेग स्पिनर अमित मिश्रा और बायें हाथ के स्पिनर रविंद्र जडेजा के साथ उतरने में कोई हिचक नहीं होगी। न्यूजीलैंड को इस श्रृंखला की तैयारी के लिए काफी अभ्यास का मौका नहीं मिला है। टीम ने अपना एकमात्र अभ्यास मैच दिल्ली में फिरोजशाह कोटला की सपाट पिच पर खेला जहां उनके गेंदबाजों ने काफी रन लुटाए।
हाल के समय में न्यूजीलैंड के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज रहे गुप्टिल कोटला में दो पारियों में सिर्फ 21 गेंद तक टिक सके जबकि ल्यूक रोंची ने दूसरी पारी में शतक के साथ पारी की शुरूआत करने के लिए मजबूत दावेदारी पेश की। अभ्यास मैच में मुंबई का दबदबा रहा जिसके तीन बल्लेबाजों ने पहली पारी में शतक बनाया। इतिहास भी न्यूजीलैंड के खिलाफ है जो अपने पिछले 14 प्रयास में भारतीय सरजमीं पर टेस्ट जीतने में नाकाम रहा है। न्यूजीलैंड ने पिछली बार भारत में 1998 में जीत दर्ज की थी। न्यूजीलैंड की 15 सदस्यीय टीम के युवा कप्तान केन विलियमसन और रोस टेलर को भारत में पांच टेस्ट खेलने का अनुभव है।
दूसरी तरफ भारत ने अपनी सरजमीं पर पिछले 10 में से नौ मैच जीते हैं और एक टेस्ट ड्रा रहा और वह भी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बेंगलुरू में मौसम से प्रभावित मैच था। भारत के लिए सिरदर्द हालांकि सलामी जोड़ी तय करना होगा। वेस्टइंडीज दौरे पर अर्धशतक लगाने में नाकाम रहे शिखर धवन को युवा लोकेश राहुल से कड़ी टक्कर मिल रही है जिन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट और टी20 दोनों में शतक जड़कर प्रभावित किया है। धवन ने खुद कहा है कि प्रतिस्पर्धा भारतीय टीम के लिए अच्छी है और अगर राहुल को मुरली विजय के साथ पारी की शुरूआत करने का मौका दिया जाता है तो लोगों को हैरानी नहीं होगी। विजय भी कैरेबियाई सरजमीं पर प्रभावित नहीं कर पाए थे और अब देखना होगा कि किसे बाहर बैठाया जाता है। चेतेश्वर पुजारा ने भी वेस्टइंडीज दौरे पर मायूस किया था लेकिन दलीप ट्राफी में इंडिया ब्ल्यू की ओर से 166 और नाबाद 256 रन की पारी खेलने के बाद उनका मध्यक्रम में कप्तान कोहली के साथ खेलना लगभग तय है।