साल 2016 भारतीय क्रिकेट के लिए उपलब्धियों भरा रहा। हाल ही में उसने घरेलू टेस्ट सिरीज़ में पहले न्यूज़ीलैंड और फिर इंग्लैंड को धूल चटाई। इंग्लैंड को 4-0 से शिकस्त देने के बाद अब भारतीय उससे खिलाफ सीमित ओवर की सिरीज में भिड़ेगी। भारतीय टीम इस समय कई खिलाड़ियों की चोट की परेशानी से जूझ रही है। इसी कारण भारतीय चयनकर्ताओं के सामने भी बड़ी चुनौती है। सीमित ओवर्स की क्रिकेट सीरीज के लिए भारतीय टीम का चयन नये साल के पहले हफ्ते में होगा। मौजूदा रणजी सीजन में कई खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। अब ये देखना दिलचस्प होगा सेलेक्टर्स की नज़र किन पर इनायत होती हैं।
इंडिया टीवी ने 15 खिलाड़ियो की टीम चुनी है। इस टीम में वह खिलाड़ी हैं जिन्हें इस सीरीज के लिए चुना जा सकता है।
ओपनर्स

शिखर धवन- दिल्ली के बाएं हाथ के इस बल्लेबाज़ पिछले काफी समय से ख़राब फ़ार्म और चोट से जूझ रहे हैं। उनका फ़ार्म इतना ख़राब रहा कि उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सिरीज़ से बाहर करना पड़ा। रणजी में भी वह कुछ बड़ा कमाल नहीं दिखा पाए। धवन के पक्ष में बस एक बात जाती है और वह है तेज गेंदबाजी आक्रमण को खेलने का अनुभव। वह 2017 में इंग्लैंड में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भी प्रबल उम्मीदवार हैं क्योंकि 2014 में इंग्लैंड में हुई चैंपियंस ट्रॉफी में शिखर ने शानदार प्रदर्शन किया था।

के.एल. राहुल- कर्नाटक के इस खिलाड़ी ने पिछले एक साल में शानदार प्रदर्शन किया है। राहुल ने क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में अपनी काबिलियत साबित की है। राहुल इस समय अच्छी फॉर्म में है। टीम में उनके चयन से हैरानी नही होगी।
करुण नायर- ये कर्नाटक के एक बेहद भरोसेमंद खिलाड़ी हैं। करुण ने चेन्नई में 300 रन बनाकर सबको प्रभावित किया है। चयनकर्ता उन्हें सीमित ओवर्स में भी टॉप ऑर्डर बल्लेबाज के रूप में टीम में शामिल कर सकते हैं। करुण ने आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स की तरफ से टॉप ऑर्डर में कई अच्छी पारियां खेली हैं।

मध्यक्रम

विराट कोहली- इस नाम किसी को कोई बहस करने की जरूरत नहीं है। टीम चुनते समय इनका नाम सबसे पहले लिख लिया जाएगा. साल 2016 विराट के लिए यादगार रहा और उम्मीद है नये साल की शुरूआत भी विराट जबरदस्त तरीके से करें। चयनकर्ता को पता है कि विराट हर फॉर्मेट के मैच विजेता खिलाड़ी है। सीमित ओवर का क्रिकेट तो उन्हें ज्यादा भाता है।

एम एस धोनी (कप्तान)- कप्तान धोनी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ हुई वनडे सीरीज में नंबर चार पर बल्लेबाजी की थी। चैंपियंस ट्रॉफी के लिए खुद को इसके लिए तैयार करना चाहेंगे। धोनी को भी पता है कि चैंपियंस ट्रॉफी की तैयारी के लिए ये आखिरी मौका है और धोनी ने इस मौके को बेकार नहीं जाने देना चाहेंगे।

मनीष पांडे- ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में 104 रन की पारी खेलने के बाद मनीष पांडे का बल्ला कुछ शांत रहा है। लेकिन चयनकर्ता उनकी काबिलियत पर विश्वास कर उन्हें नंबर पांच बल्लेबाज के रुप में टीम में चुन सकते हैं। वैसे मनीष के लिए टीम में अपनी जगह बनाने का ये आखिरी मौका साबित होगा क्योंकि कई खिलाड़ी इस जगह के लिए अपना दावा ठोक चुके हैं।

सुरेश रैना- न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के लिए जब रैना को टीम में शामिल किया गया तो कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया, हालांकि चोट के कारण वह सीरीज में नहीं खेल पाए। रैना अपने अनुभव के कारण दोबारा टीम इंडिया की जर्सी में नजर आ सकते हैं। चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान टीम में उनकी मौजूदगी कप्तान धोनी का हौसला जरूर बढाएगी। रैना ने इंग्लैंड में 37.5 की औसत से रन बनाए हैं।
बॉलर्स

केदार जाधव- महाराष्ट्र के इस खिलाड़ी ने भारतीय टीम के न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली 3-2 से मिली जीत में गेंद और बल्ले से अहम योगदान किया। केदार ने गेंद से कई अहम मौकों अपने कप्तान के लिए विकेट लिए। साथ ही बल्ले से निचले क्रम में अच्छी बल्लेबाजी की थी।

कुलदीप यादव- भारतीय चयनकर्ता इस चाइनामैन गेंदबाज को ज्यादा दिन तक नजरअंदाज नहीं कर सकते। गेंद को दोनों तरफ टर्न कराने की क्षमता इंग्लैंड के बल्लेबाजों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। कुलदीप बल्ले से भी टीम को योगदान दे सकते हैं। रणजी सीजन में उन्होंने वडोदरा के खिलाफ 117 रन की शानदार पारी खेली थी। कुलदीप रवीन्द्र जडेजा और अक्षर पटेल का विकल्प हो सकते हैं। भारतीय टीम में इस समय कई स्पिनर चोटिल है या कई को आराम दिया गया है। तो इस युवा खिलाड़ी को मौका देने का यह सही समय है।

शाहबाज नदीम- झारखंड के इस खिलाड़ी को टीम में शामिल कर सकती है। नदीम ने अपने पिछले दो रणजी सीजन में 50 से ज्यादा विकेट लिए हैं, और सेलेक्टर्स को मजबूर किया है कि उनकी तरफ ध्यान दिया जाए। ये युवा खिलाड़ी खुद कह चुका है कि वह अगली चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार है। बाएं हाथ का ये गेंदबाज इंग्लैंड के लिए दिक्कतें पैदा कर सकता है क्योंकि इंग्लैंड की टीम में कई आक्रमक बल्लेबाज है।

अमित मिश्रा-अमित मिश्रा की टेस्ट में जगह खतरे में दिख रही हो लेकिन वनडे टीम में वह भारतीय स्पिनर्स को लीड करेंगे इसमें कोई शक नहीं है। न्यूजीलैंड के खिलाफ अमित मिश्रा का प्रदर्शन शानदार रहा. इंग्लैंड के बल्लेबाज मिश्रा को आसानी से नहीं खेल पाएगा, इसकी उम्मीद है।

भुवनेश्वर कुमार- दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज को मोहम्मद शमी के चोट के कारण मौका मिल सकता है। नई बॉल के साथ कंट्रोल से वह इंग्लैंड के कुछ बल्लेबाजों को परेशान कर सकते हैं। आखिरी ओवर्स में सधी हुई गेंदबाजी के कारण भी सीमित ओवर क्रिकेट में वह उपयोगी साबित हो सकते हैं।
jasprit-bumrah
जसप्रीत बुमराह- अगर बल्लेबाजी में केएल राहुल का नाम साल 2016 में छाया रहा तो गेंदबाजी में तेज गेंदबाज बुमराह भारत की तरफ से बेस्ट तेज गेंदबाज रहे। अपनी सटीक लाइन और पेस के कारण बुमराह ने कम समय में ही अपने कप्तान का विश्वास जीत लिया है। बुमराह पुरानी गेंद से भी काफी असरदार है। लगातार यॉर्कर फेंकने की काबिलियत उन्हें और खास बनाती है।

धवल कुलकर्णी- मुंबई के इस गेंदबाज की जगह भारतीय टीम में कभी पक्की नहीं रही। जब भी कोई तेज गेंदबाज चोटिल होता तभी धवल को टीम में मोका मिलता है। इस समय भी भारतीय टीम चोटों से जूझ रही है तो हो सकता है उन्हें फिर से टीम में शामिल कर लिया जाए। शायद धवल को भी पता है कि उनकें पास यह आखिरी मौका हो सकता है। गेंद को स्विंग कराने की क्षमता इंग्लैंड के बल्लेबाजों के लिए मुश्किल पैदा कर सकती है।
ashish-nehra
आशीष नेहरा- इस टीम में एक नाम देखकर शायद आप सबसे ज्यादा चौंक जाएँ। उस खिलाड़ी का नाम है आशीष नेहरा। नेहरा को साल 2011 वर्ल्डकप के बाद से ही दरकिनार किया गया। लेकिन अब चयनकर्ता उन्हें टी20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन का इनाम दे सकते हैं। नेहरा अपनी फिटनेस पर काफी काम कर रहे हैं। इसके साथ ही वह अपने बचपन के कोच तारक सिन्हा के साथ ट्रेनिंग कर रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ अभ्यास मैच में भी उनका चयन पक्का माना जा रहा है।