जयपुर: राजस्थान उच्च न्यायालय ने आज राज्य सरकार से उस जनहित याचिका पर उसका जवाब मांगा है जिसमें जयपुर में आईपीएल मैचों के आयोजन पर प्रतिबंध की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि मैच के कारण हजारों लीटर पीने का पानी बरबाद होगा। न्यायाधीश अजय रस्तोगी और डीसी सोमानी की पीठ ने राजस्थान में गर्मिंयों में पानी की कमी को देखते हुए इस मामले की अहमियत के कारण राज्य सरकार को नोटिस जारी किया जिसमें उससे 30 अप्रैल तक जवाब दायर करने को कहा है।
पीठ ने राज्य सरकार से अगले दो महीने तक लोगों को दिये जाने वाले पीने योग्य पानी के प्रबंधन की नीति और योजना बताने के लिये कहा है। अदालत ने सुनवाई तीन मई तक स्थगित कर दी। अदालत महेश पारिक द्वारा 22 अप्रैल को दायर की गयी जनहित याचिका की सुनवाई कर रही थी, जिसमें कहा गया कि जयपुर शहर को सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) ने जमीनी पानी की कमी के कारण डार्क जोन में रखा गया और जयपुर में प्रस्तावित आईपीएल मैच से करीब 80 लाख लीटर पानी बरबाद होगा।
उधर सर्वोच्च न्यायालय ने भी बुधवार को महाराष्ट्र में सूखे की समस्या के कारण इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैचों पर बंबई उच्च न्यायालय द्वारा लगाए प्रतिबंध के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। सर्वोच्च न्यायालय में यह याचिका महाराष्ट्र और मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने दायर की थी।
सर्वोच्च न्यायालय ने मुंबई, नागपुर और पुणे के 12 स्टेडियम में में आईपीएल मैच होने की स्थिति में पानी की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह याचिका खारिज कर दी।