मोहाली: भारत को टी-20 और एकदिवसीय श्रृंखलाओं में पटखनी देने के बाद जीत के जोश से लबरेज दक्षिण अफ्रीकी टीम आज पंजाब क्रिकेट संघ स्टेडियम में भारत के खिलाफ चार मैचों की टेस्ट श्रृंखला का आगाज करने निश्चित तौर पर ऊंचे मनोबल के साथ उतरेगी। दूसरी ओर भारतीय टीम दो वर्ष के अंतराल के बाद घरेलू धरती पर कोई टेस्ट श्रृंखला खेलेगी।
अब तक सीमित ओवरों में भारतीय टीम ने जैसा प्रदर्शन किया है, उसे ध्यान में रखा जाए तो निश्चित तौर पर उनके लिए आगामी श्रृंखला एक चुनौती बन चुकी है।
भारतीय टेस्ट टीम के युवा कप्तान विराट कोहली के लिए घरेलू धरती पर यह पहला विधिवत टेस्ट सीरीज है। कोहली आज 27 वर्ष के हो रहे हैं और जन्मदिन पर शुरू हो रही इस टेस्ट श्रृंखला में यदि वह अपनी टीम से अच्छा काम ले पाते हैं तो यह उनके क्रिकेट करियर में भी नया अध्याय साबित होगा।
चार मैचों की इस श्रृंखला के जरिए भारत के पास ICC टेस्ट टीम रैंकिंग में दूसरे पायदान पर पहुंचने का भी सुनहरा मौका होगा। हालांकि पांचवें पायदान पर मौजूद भारतीय टीम के लिए यह बेहद चुनौतीपूर्ण होगा।
अब तक भारत दौरे पर आने वाली टीमों की अपेक्षा मौजूदा दक्षिण अफ्रीकी टीम भारत के माहौल में खुद को बहुत अच्छे से ढाल चुकी है और जीत की लय कायम रखने में भी सफल रही है।
श्रीलंका दौरे पर दुर्व्यवहार के कारण एक मैच से निलंबित तेज गेंदबाज इशांत शर्मा मोहाली टेस्ट में नहीं खेल सकेंगे। भारत को इस मैच में सर्वाधिक अपने स्पिन गेंदबाजों से है और मोहाली टेस्ट में कितने स्पिनर खेलते हैं इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
मोहाली की पिच के स्पिन के अनुकूल होने की संभावनाओं के मद्देनजर भारतीय टीम एक अतिरिक्त स्पिन गेंदबाज के साथ उतरे तो कोई आश्चर्य नहीं होगा, जिसमें रणजी ट्रॉफी में प्रदर्शन के बल पर टीम में शामिल किए गए रवींद्र जडेजा बिल्कुल फिट बैठते हैं।
अगर कोहली पांच गेंदबाजों को खिलाए जाने की अपनी रणनीति पर कायम रहते हैं तो उमेश यादव और वरुण एरॉन तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।
बल्लेबाजी में शिखर धवन, मुरली विजय, चेतेश्वर पुजारा और रोहित शर्मा शीर्ष क्रम संभाल सकते हैं।
एकदिवसीय में प्रदर्शन के आधार पर रोहित को चेतेश्वर की जगह पारी की शुरुआत करने के लिए बुलाया जा सकता है। मध्यक्रम की पतवार अजिंक्य रहाणे, कोहली और गोलकीपर रिद्धिमान साहा पर होगी।
बेहतरीन फॉर्म में दिख रही दक्षिण अफ्रीकी टीम निश्चित तौर पर जीत की दावेदार लग रही है। मजबूत और स्थिर बल्लेबाजी क्रम के अलावा उनके पास बेहद तेज-तर्रार गेंदबाजी आक्रमण भी है।
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में बेहद सफल रहे स्पिन गेंदबाज इमरान ताहिर हालांकि स्पिन विभाग के अकेले खेवैया हैं।
दक्षिण अफ्रीका के लिए हाशिम अमला का खराब फॉर्म चिंता का एकमात्र सबब है, लेकिन अमला जैसा खिलाड़ी कहीं से भी अपनी खोई लय हासिल कर सकता है और वैसे भी टेस्ट प्रारूप उनकी शैली के सर्वाधिक अनुरूप है।