टीम इंडिया के भरोसेमंद गेंदहाज़ अश्विन का कहना है कि धोनी युग समाप्त होने के बाद वनडे क्रिकेट में अब उन्हें विराट कोहली की आक्रामक कप्तानी और संवाद के नये अंदाज़ के साथ तालमेल बैठाना होगा।
2010 में पदार्पण करने के बाद से अश्विन ज़्यादातर वनडे और टी20 धोनी की कप्तानी में खेले हैं लेकिन पिछले दो सालों में वह टेस्ट क्रिकेट में कोहली के भी सबसे भरोसेमंद गेंदबाज़ बन गए हैं।
अश्विन ने कहा, "संवाद के मामले में अब स्थित भिन्न होगी। पहले जब धोनी की कप्तानी में खेलता था तब मेरे बॉलिंग मार्क और विकेट के पीछे से बातचीत होती थी लेकिन अब विराट शॉर्ट मिड विकेट या शॉर्ट कवर में खड़ें होंगे और वही से हमारी बातचीत होगी।''
धोनी बीच के ओवरों में रनों पर अंकुश लगाने के लिए स्पिनरों पर निर्भर करते थे लेकिन अश्विन के मुताबिक कोहली रनों की क़ीमत पर विकेट मिलने से कोई गुरेज़ नही होता। विराट कभी-कभी आक्रामक हो जाते हैं और यही वह बात है जिससे मुझे तालमेल बैठाने की ज़रुरत है। उन्हें अटैक करना अच्छा लगता है, बीच के ओवरों में रन देकर भी विकेट लेना अच्छा लगता है। ज़ाहिर है, कुछ अतिरिक्त रन देकर विकेट लेने की कोशिश करना बुरी बात नही है।"
अश्विन का कहना है कि संवाद और नेतृत्व के दृष्टिकोण से धोनी अभी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। धोनी विकेट कीपर हैं और उनके पास बहुत अनुभव है। उनसे राय लेना हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा।"
भारत और इंग्लैंड के बीच वनडे सिरीज़ का पहला मैच रविवार को पुणे में खेला जाएगा। अश्विन ने एक साल पहले आखिरी वनडे खेला था। उन्हें जून में ज़िम्बाब्वे दौरे और न्यूज़ीलैंड के साथ घरेलू वनडे सिरीज़ में आराम दिया गया था।