नई दिल्ली: रिद्धिमान साहा अचानक से लगी चोट से पहले टेस्ट क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे और फिलहाल भारतीय टीम से बाहर हैं, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि वह अच्छे घरेलू प्रदर्शन के आधार पर वापसी करेंगे। रिद्धिमान जांघ की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण इंग्लैंड के खिलाफ पिछले 3 टेस्ट मैच नहीं खेल पाए थे और उनकी जगह टीम में शामिल किये गये पार्थिव पटेल ने इस मौके का पूरा फायदा उठाते हुए 2 अर्धशतक जड़े।
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रिद्धिमान ने कहा, ‘टेस्ट सीरीज पर कोई भी बाहर नहीं होना चाहता। यह स्वाभाविक है कि अगर कोई चोट के कारण बाहर होता है तो वह काफी निराश होगा। अब पार्थिव आए और उन्होंने अच्छा किया लेकिन मुझे असुरक्षित होने का कोई कारण नहीं दिखता। ज्यादा से ज्यादा बुरा क्या होगा। मुझे अगली टेस्ट सीरीज के लिए नहीं चुना जायेगा। मेरा काम क्या है? चोट के बाद घरेलू क्रिकेट में अच्छी वापसी करना और बेहतरीन प्रदर्शन करना जो मेरे हाथ में है।’ यह पूछने पर कि क्या यह आसान होगा तो उन्होंने जवाब दिया, ‘कम से कम मेरे लिये तो यह सरल है। मैंने कभी भी सफलता को सिर चढ़कर नहीं बोलने दिया और न ही असफलता से मेरे उपर कोई असर पड़ता है। मेरा मानना है कि मैं अब तक एक संतुलन बनाकर चल रहा हूं। और मैं बचपन से ही ऐसा हूं। मैं चीजों के बारे में ज्यादा भावुक नहीं होता। आपको जीवन को सरल रखना चाहिए।’
यह पूछने पर कि क्या रिद्धिमान ने ये चीजें महेंद्र सिंह धोनी से सीखी हैं तो उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसा इसलिए नहीं हूं कि मैंने ये चीजें धोनी से सीखी हैं बल्कि मैं ऐसा इसलिए हूं क्योंकि मैं रिद्धिमान हूं। जीवन के प्रति आपका रवैया आपका खुद का होता है। हर कोई अपना खुद का कोच होता है। ये चीजें आप किसी से सीख नहीं सकते।’ रिद्धिमान ने कहा कि उनका रिहैबिलिटेशन पूरा हो गया और वह इस हफ्ते के अंत में अपने क्लब की टीम मोहन बागान की ओर से खेलेंगे। उन्होंने कहा, ‘मैंने 5 दिन पहले NCA में अपना रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम पूरा किया। मैं प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलना शुरू कर सकता हूं। NCA में वे एक विशेष मांसपेशी के उतक पर काम करते हैं जो चोट के कारण कमजोर हो जाता है। अब मैं कुछ मैच अपने क्लब की टीम मोहन बागान के लिए खेलूंगा। मैंने नेट सेशंस शुरू कर दिए हैं जो अच्छे चल रहे हैं।’