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आर. पी. सिंह ने माना, साल 2008 में टीम इंडिया से बाहर करने में नहीं था धोनी का हाथ

 Written By: India TV Sports Desk
 Published : May 11, 2020 10:45 pm IST,  Updated : May 11, 2020 10:46 pm IST

इस चयन विवाद में टीम इंडिया के अंदर इरफ़ान पठान को चुना गया है जबकि आर. पी. सिंह को टीम से निकाल दिया गया था।

RP Singh- India TV Hindi
RP Singh Image Source : GETTY

नई दिल्ली| टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज रूद्र प्रताप सिंह ने साल 2008 में अपने चयन विवाद को लेकर खुलासा किया है। जिसके बारे में आर. पी. सिंह ने टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को निर्दोष बताया है और चयनकर्ताओं पर ठीकरा फोड़ा है।

गौरतलब है कि इस चयन विवाद में टीम इंडिया के अंदर इरफ़ान पठान को चुना गया है जबकि आर. पी. सिंह को टीम से निकाल दिया गया था। जबकि धोनी ये चाहते थे कि घरेलू सीरीज में आर. पी. सिंह का चयन हो मगर चयनकर्ताओं ने इरफ़ान पठान को तरजीह दी। इस तरह आर. पी. सिंह एक बार टीम से बाहर हुए जिसके बाद वो कभी स्थायी रूप से टीम का हिस्सा नहीं बन सके। ये भी माना जाता है कि चयनकर्ताओं का ये फैसला आर. पी. सिंह के करियर को ढलान की और लेता चला गया।

इस घटना के कई साल बाद अब 34 साल के हो चुके आर. पी. सिंह ने एक युट्यूब चैनल पर कहा, “मुझे नहीं लगता कि मैं टीम से बाहर होने से प्रभावित था। हम जिस इंग्लैंड सीरीज की बात कर रहे हैं, मैंने इंदौर में विकेट नहीं लिया था। जाहिर है लोगों को लगता है कि खिलाड़ी को दो या तीन और मौके मिलेंगे। लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता है। कुछ को 5 मौके मिले, कुछ को 10 मौके मिलते है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ मेरे साथ कई बार ऐसा हुआ। जब भी मेरे प्रदर्शन में गिरावट आयी तब मुझे घरेलू मैचों में खेलने के लिए भेजा गया। कई बार प्रदर्शन में गिरावट के बाद खिलाड़ी टीम में बने रहते है और उन्हें अच्छा अभ्यास का मौका मिलता है। जब आप घरेलू क्रिकेट में खेलते है तो आपको इस स्तर का अभ्यास करने का मौका नहीं मिलता है।’’ 

उन्होंने कहा कि धोनी एक निष्पक्ष कप्तान थे और उनकी दोस्ती ने टीम के इस विकेटकीपर बल्लेबाज के फैसलों को कभी प्रभावित नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘‘हम (धोनी और मैं) इस बारे में चर्चा कर रहे थे कि मैं कहां सुधार कर सकता हूं। मैं बेहतर होने के लिए क्या कर सकता हूं। मैं एमएस धोनी को जानता हूं। मित्रता एक अलग चीज है, लेकिन देश का नेतृत्व करना पूरी तरह से अलग है। मुझे लगता था कि उस समय उन्होंने उनको आगे किया जो उन्हें लगा कि बेहतर हैं और रणनीति पर बेहतर अमल कर सकते हैं।’’ 

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उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे लगता है धोनी ने ऐसे खिलाड़ियों का साथ दिया जिसके बारे में वह समझते थे कि उनकी योजना को मैदान में बेहतर तरीके से उतार सकता है’’ उन्होंने कहा, ‘‘ धोनी आज धोनी इस लिए है क्योंकि वह अपने फैसले को लेकर निष्पक्ष थे। उनके विचार और फैसले पक्षपातरहित थे। मैं जितना खेलना चाहिये था, उतना नहीं खेल सका क्योंकि शायद मेरी रफ्तार कम हो गई और स्विंग भी नहीं रही। बाकी सब गौण है। उस समय सुधार कर लेता तो और खेल पाता। मैने हालांकि जो कुछ हासिल किया , मैं उससे खुश हूं।’’ 

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बता दें कि आर. पी. सिंह ने भारत के लिए 14 टेस्ट, 58 वनडे और 10 टी20 मैच खेले हैं।

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