चेन्नई: आलोचनाओं से घिरे इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक ने गुरुवार को स्वीकार किया कि भारत के खिलाफ निराशाजनक टेस्ट सीरीज के दौरान अपनाई गई रणनीति में वे भले ही कहीं गलत हो गए हों लेकिन उन्होंने जोर दिया कि प्रयास में कोई कमी नहीं थी। यहां तक कि कुक अपनी बल्लेबाजी और कप्तानी दोनों में जूझते दिखे, जिससे मजबूत भारत ने पांचवें और अंतिम टेस्ट से पहले 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है।
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भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने उदाहरण पेश करते हुए एक डबल सेंचुरी सहित दो सेंचुरीज की मदद से 640 रन जुटाए। कुक ने मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘एक चीज के बारे में मेरी आलोचना नहीं की जा सकती है और वो है एकजुटता। हमने जो प्रयास किए हैं, उसके बारे में कोई पछतावा नहीं। वहीं फैसलों के बारे में हमें निश्चित रूप से कुछ बदलाव करने चाहिए थे। हमारे कुछ फैसले गलत रहे, लेकिन जो हो गया वह हो चुका। मुझे नहीं लगता कि कोई भी हमारे जज्बे के बारे में गलती निकाल सकता है।’
कुक की कप्तानी को लेकर भी सवाल उठ रह हैं और कहा जा रह है कि अब यह जिम्मेदारी जो रूट को दे देनी चाहिए, लेकिन उन्होंने यह सवाल दबाने की कोशिश की। उन्होंने कहा, ‘आपका आकलन आपके परिणामों के आधार पर किया जाता है, क्या ऐसा नहीं है? जब आप मैच गंवाते हैं तो आपकी आलोचना होती है। यह हर जगह होता है, जब विराट मैच गंवाते हैं तो उनकी भी आलोचना होती है। जब मैं मैच गंवाता हूं तो मेरी आलोचना होती है। यह खेल का हिस्सा है।’