धर्मशाला टेस्ट शुरु होने के पहले भारतीय ड्रेसिंग रुम निराशा का माहौल था और भारतीय खिलाड़ी सिर झुकाए बैठे थे। दरअसल मैच के पहले जब ये बम फटा कि कप्तान विराट कोहली चोट की वजह से नहीं खेल पाएंगे तो ड्रेसिंग रुम में सन्नाटा छा गया। पूरी सिरीज़ का दारोमदार इस मैच के नतीजे पर निर्भर था और उस पर कोहली जैसा बल्लेबाज़ का न खेलना किसी हार्ट अटेक से कम नहीं था।
कोहली की गैरमौजूदगी में उप कप्तान अजंक्य रहाणे को कप्तानी की ज़िम्मेदारी सैंपी गई और उन्होंने अपनी कप्तानी का दम दिखाकर टीम को न सिर्फ जीत दिलाई बल्कि बॉर्डर-गावस्कर ट्राफ़ी पर भी कब्ज़ा करवा दिया।
रहाणे ने जीत और सफल कप्तानी का राज़ अब जाकर खोला है। रहाणे जो मुंबई के हैं, ने बताया कि मैच के पहले सचिन तेंदुलकर का फोन आया था। उन्होंने कप्तानी मिलने पर उन्हें शुभकामनाएं दी। रहाणे का कहना है कि कप्तानी करने का अनुभव मेरे लिए नया था लेकिन आत्मविश्वास और सचिन के फोन कॉल ने मुझे बहुत हिम्मत बंधा दी।
रहाणे ने बताया कि, 'मैच से पहले मुझे सचिन तेंदुलकर का कॉल आया था। उन्होंने मुझसे कहा कि ग्राउंड पर मुझे अपने विवेक के आधार पर फैसला करना चाहिए। उनकी इस बात ने मुझे बहुत प्रभावित किया।' कप्तानी करना उनके लिए बहुत गौरव का क्षण था।
स्टार बल्लेबाज का कहना है, 'मेरे लिए यह गौरव का क्षण ज़रूर था, लेकिन ड्रेसिंग रूम का माहौल थोड़ा निराशा से भरा था। विराट के चोटिल होने के कारण हम थोड़े निराश थे। हालांकि, वह हम सबको उत्साहित कर रहे थे। अपनी चोट को भुलाकर वह टीम को आत्मविश्वास के साथ उतरने के लिए प्रेरणा दे रहे थे। एक कप्तान के तौर पर मैं जानता हूं कि मेरा व्यक्तित्व अलग है। हर कप्तान की अपनी अलग शैली होती है।'
ग्राउंड पर बतौर कप्तान फैसले लेने पर रहाणे कहते हैं, 'मैं जानता था कि मैदान पर मेरी सहायता के लिए कुछ सीनियर खिलाड़ी भी हैं। मैच के दौरान फैसले करने का अंतिम अधिकार मेरे पास था और पूरे मैच के दौरान मेरी कोशिश अपने स्वाभाविक निर्णयों के साथ जाने की ही थी। मैच से पहले मेरे पास सचिन का फोन भी आया था और उन्होंने भी मुझे ऐसा करने की ही सलाह दी थी। इन सबसे मुझे काफी सहायता मिली।'
कराटे ब्लैक बेल्ट चैंपियन रह चुके रहाणे ने मैदान पर अपनी आक्रामकता को लेकर भी बेबाक राय रखी। उन्होंने कहा, 'अपनी आक्रामकता दिखाने के लिए हमारे पास कई और तरीके होते हैं। मेरे लिए आक्रामकता का मतलब हमेशा अपने ऐक्शन में इसे दिखाना होता है। बचपन में मैं कराटे की प्रैक्टिस करता था। वहां अपने व्यवहार में आक्रामकता दिखाने का कोई फायदा नहीं था क्योंकि मैं अपने जोन में सबसे छोटा था। मेरे पास आक्रामकता दिखाने के लिए सिर्फ अपना खेल था और क्रिकेट में भी मैं ऐसा ही करता हूं।'
आईपीएल (IPL 2017) में रहाणे का सफर 6 अप्रैल को शुरू होगा। रहाणे की टीम पुणे सुपरजॉयंट का पहला मुकाबला मुंबई इंडियंस के खिलाफ है। पुणे की टीम के कप्तान ऑस्ट्रेलियाई कैप्टन स्टीव स्मिथ हैं। पुणे टीम मैनेजमेंट ने पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को हटाकर स्टीव स्मिथ को कप्तानी सौंपी है। रहाणे कहते हैं, 'स्मिथ हमारी टीम के कप्तान हैं तो यह जरूरी है कि उनको पर्याप्त सम्मान दिया जाए। यह हमारा सौभाग्य है कि हमारी टीम में धोनी भाई हैं। धोनी सिर्फ भारतीयों के लिए नहीं बल्कि विश्व भर के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा हैं। मुझे विश्वास है कि स्मिथ भी टीम हित में उनसे जरूर राय लेंगें।'