Highlights
- जो रूट और जॉनी बेयरस्टो ने आखिरी दिन लगाए अपने शतक
- मैच के आखिरी दिन भारतीय गेंदबाज नहीं ले पाए एक भी विकेट
- जसप्रीत बुमराह की कप्तानी में पहला ही टेस्ट हारी टीम इंडिया
ENG vs IND : टीम इंडिया को इंग्लैंड ने टेस्ट सीरीज के आखिरी मैच में सात विकेट से हरा दिया। इसके साथ ही सीरीज 2.2 की बराबरी पर खत्म हो गई है। मैच के आखिरी दिन टीम को जीत के लिए 119 रन बनाने थे। खास बात ये रही कि आखिरी दिन भी इंग्लैंड का कोई विकेट नहीं गिरा और जॉनी बेयरस्टो और पूर्व कप्तान जो रूट ने मैच जिता दिया। दोनों बल्लेबाजों ने मैच के आखिरी दिन अपने अपने शतक भी पूरे किए। जो रूट और जॉनी बेयरस्टो के सामने भारतीय गेंदबाज फीके नजर आए और एक भी विकेट नहीं ले पाए। एक वक्त टीम इंडिया जीत के करीब नजर आ रही थी, लेकिन इंग्लैंड ने भारतीय टीम का ये सपना पूरा नहीं होने दिया। चलिए अब जानते हैं, टीम इंडिया की हार के प्रमुख 5 कारण कौन से रहे।
टीम इंडिया की सलामी जोड़ी नहीं चली
टीम इंडिया की हार का प्रमुख कारण सलामी जोड़ी का न चलना रहा। टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा कोविड पॉजिटिव होने के कारण इस मैच से बाहर हो गए थे। इसके बाद जसप्रीत बुमराह को नया कप्तान बनाया गया। वहीं सलामी जोड़ी के लिए शुभमन गिल के साथ चेतेश्वर पुजारा को उतारा गया। मैच की पहली पारी में पहले विकेट के लिए गिल और पुजारा के बीच केवल चार की ही साझेदारी हुई। गिल आउट होकर पवेलियन लौट गए। वहीं दूसरी पारी में भी केवल 27 रन की पार्टनरशिप हुई। इस बार भी शुभमन गिल आउट हो गए।
मिडल आर्डर भी नहीं चला
मैच की दोनों पारियों में भारतीय टीम का मिडल आर्डर दगा दे गया। पहली पारी में शुभमन गिल और चेतेश्वर पुजारा तो जल्दी निपट गए, इसके बाद हनुमा विहारी, विराट कोहली भी सस्ते में आउट हो गए। वहीं श्रेयस अय्यर भी फ्लॉप साबित हुए। वो तो भला हो ऋषभ पंत और रवींद्र जडेजा का, जिन्होंने शानदार शतक जमाए और टीम को अच्छा स्कोर दिया।
गेंदबाजों का बल्लेबाजी में खास योगदान नहीं
वैसे तो गेंदबाजों को अच्छी गेंदबाजी के लिए टीम में रखा जाता है और उनसे बल्लेबाजी की उम्मीद नहीं की जाती, लेकिन जब टीम पर संकट हो तो उम्मीद होती है कि एक दो गेंदबाज अगर बैट से भी योगदान दें तो अच्छा है। लेकिन इस मैच में ऐसा नहीं हो सका। पहली पारी में जसप्रीत बुमराह ने जरूर 16 गेंद पर 31 रन की पारी खेली, लेकिन दूसरी पारी में वे भी नाकाम रहे। मोहम्मद शमी, शार्दुल ठाकुर और मोहम्मद सिराज बल्लेबाजी के लिए जरा भी देर क्रीज पर नहीं टिक पाए।
दूसरी पारी में नहीं मिला बुमराह को सहयोग
टीम इंडिया ने इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 378 रनों का टारगेट रखा था। ये लक्ष्य आसान नहीं था। लेकिन जब इंग्लैंड की टीम दूसरी पारी में बल्लेबाजी के लिए उतरी तो सलामी जोड़ी ने ही 100 रन बना दिए। इसके बाद जसप्रीत बुमराह ने दो विकेट निकाले और एक रन आउट हुआ। लेकिन बाकी गेंदबाज कुछ कर ही नहीं पाए। न तो मोहम्मद शमी को विकेट मिला, न ही शार्दुल ठाकुर को और न ही मोहम्म्द सिराज को। जब इंग्लैंड के तीन विकेट गिर गए थे, तभी अगर एक दो विकेट और निकलता तो मैच का रिजल्ट कुछ और हो सकता था।
रोहित शर्मा की भी टीम को महसूस हुई कमी
रोहित शर्मा इस मैच में नहीं खेले। इसलिए जसप्रीत बुमराह को कप्तान बनाया गया। जसप्रीत बुमराह पहली बार कप्तानी कर रहे थे। वैसे तो जसप्रीत बुमराह के पास खिलाड़ी के तौर पर अच्छा खासा अनुभव है, लेकिन कप्तानी के लिए वे अभी भी पूरी तरह से तैयार नजर नहीं आते। वैसे जसप्रीत बुमराह के पास मदद के लिए पूर्व कप्तान विराट कोहली भी मैदान पर थे, लेकिन पहली बार कप्तानी करते हुए वे कुछ दबाव में भी नजर आए। अगर रोहित शर्मा कप्तान होते तो मैच बदल भी सकता था। लेकिन ऐसा नहीं हो सका और टीम इंडिया को करारी हार का सामना करना पड़ा।