एशिया कप से पहले पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने त्रिकोणीय सीरीज अपनी तैयारियों को और पुख्ता करने लिए खेली थी, लेकिन इसमें उसकी एक तरह से पोल खुलकर सामने आ गई है। कमजोर टीमों के खिलाफ भी पाकिस्तान की टीम उस तरह जीत दर्ज नहीं कर पाई, जिसकी उम्मीद की जा रही थी। एक मैच में तो अफगानिस्तान ने उसे धूल चटा ही दी थी। इस बीच अब जब एशिया कप शुरू होने को है तो पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान ने टेंशन बढ़ा दी है। अफगानिस्तान और यूएई के खिलाफ भी उनके बल्ले से रन नहीं बने तो फिर एशिया कप में क्या ही उम्मीद की जाए।
सैम अयूब और साहिबजादा फरहान करेंगे पाकिस्तान के लिए ओपनिंग
एशिया कप में पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज के तौर पर सैम अयूब और साहिबजादा फरहान नजर आएंगे। बात अगर फरहान की करें तो त्रिकोणीय सीरीज के दौरान एक भी मैच में उनका बल्ला नहीं चला। कप्तान सलमान अली आगा ने उन्हें पूरे पांच मैच खेलने का मौका दिया, लेकिन वे एक भी बार 21 रन से ज्यादा नहीं बना सके। जो पहले मैच में अफगानिस्तान के खिलाफ उनके बल्ले से आए थे।
त्रिकोणीय सीरीज में नहीं चला फरहान का बल्ला
इसी त्रिकोणीय सीरीज के दूसरे मैच में यूएई के खिलाफ वे केवल आठ ही रन बना सके। तीसरे मैच में जब फिर से अफगानिस्तान से आमना सामना हुआ तो वे 18 रन बना सके और यूएई के खिलाफ चौथे मैच में उनके बल्ले से 16 रन आए। त्रिकोणीय सीरीज का फाइनल पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच खेला गया, इसमें तो फरहान अपना खाता तक नहीं खोल पाए और शून्य पर आउट होकर पवेलियन चले गए।
भारतीय पेस बैटरी का नहीं कर पाएंगे सामना
जब अफगानिस्तान और यूएई के खिलाफ फरहान का ये हाल है तो फिर जब टीम इंडिया से उनका सामना होगा तो क्या होगा ये आप अच्छी तरह से समझ सकते हैं। इस वक्त भारतीय पेस अटैक पूरी दुनिया में अपनी धाक जमा रहा है। अगर एशिया कप में पाकिस्तान की टीम को हार मिली तो उसका बड़ा कारण साहिबजादा फरहान होंगे। जो इस वक्त बिल्कुल फार्म से बाहर हैं। जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा और अर्शदीप सिंह जैसे गेंदबाजों के सामने वे जल्द ही आउट हो जाएंगे।
अब तक ऐसा रहा है साहिबजादा का टी20 इंटरनेशनल करियर
साहिबजादा फरहान के अब तक टी20 आंकड़ों की बात करें तो वो भी कुछ खास प्रभावित नहीं करते। फरहान ने अब तक 20 टी20 इंटरनेशनल मैच खेलकर केवल 378 रन ही बनाए हैं। उनका औसत महज 18.90 का है और फरहान 130.34 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हैं। इन 20 मैचों में केवल तीन ही बार ऐसा हुआ है, जब फरहान ने 50 का आंकड़ा छुआ है, बाकी बार वे इससे पहले ही आउट हो गए हैं।