लंदन: चैम्पियंस ट्रॉफी-2016 का फाइनल भारत तथा ऑस्ट्रेलिया की हॉकी टीमों के बीच खेला जाएगा। फाइनल मैच शुक्रवार को होगा। ऑस्ट्रेलिया के हाथों अपना अंतिम मैच गंवाकर भारत ने मिट्टी पलीद कर ली थी, लेकिन ब्रिटेन तथा बेल्जियम का मुकाबला बराबरी पर छूटने के बाद उसे खिताबी मुकाबला खेलने का मौका मिल गया।
हार के बाद भारत की पूरी उम्मीद ब्रिटेन और बेल्जियम के बीच होने वाले मुकाबले पर टिकी हुई थी। इस मैच के ड्रॉ होने पर भारत आसानी से फाइनल में पहुंच जाता, लेकिन किसी एक टीम के हक में परिणाम जाने पर उसके लिए समीकरण बदल जाते। ब्रिटेन अगर जीत जाता तो वह 8 अंकों क साथ फाइनल में पहुंच जाता। दूसरी ओर, इस मैच में अगर बेल्जियम की जीत होती तो भारत तथा बेल्जियम के सात-सात अंक हो जाते और तब जाकर गोल अंतर के लिहाज से फाइनल में पहुंचने वाली टीम के नाम का फैसला होता।
गोल अंतर से भी बात नहीं बनती तो फिर पूल मैच में विजयी रहने वाली टीम को फाइनल खेलने का मौका मिलता। एसे में बेल्जिमय बाजी मार जाता क्योंकि उसे भारत को पूल मैच में हराया था। बहरहाल, भारत फाइनल में पहुंच चुका है लेकिन खिताब तक पहुंचने के लिए उसे बेहतरीन हॉकी दिखानी होगी। बिल्कुल वैसी ही, जैसी उसने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे और खासकर चौथे क्वार्टर में दिखाया था।
खेल की गुणवत्ता और रफ्तार में भारतीय टीम पहले और दूसरे क्वार्टर में कहीं नहीं दिखी थी। अगर उसने फिर से यही स्तर दिखाया तो फिर आस्ट्रेलिया के हाथों उसकी बड़ी हार तय है लेकिन अगर उसने थोड़ी सी भी प्रतिस्पर्धा दिखाई तो फैसला उसके हक में आ सकता है। शुक्रवार को ही तीसरे और चौथे स्थान के लिए जर्मनी तथा ब्रिटेन के बीच सामना होगा जबकि पांचवें और छठे स्थान के लिए कोरिया और बेल्जियम की टीमें एक दूसरे से भिड़ेंगी।