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ब्रॉन्ज मेडल से हमारा दर्द कम नहीं हो सकता: पी आर श्रीजेश

 Reported By: Bhasha
 Published : Sep 03, 2018 08:06 pm IST,  Updated : Sep 03, 2018 08:06 pm IST

भारत ने सेमीफाइनल में मिली हार से पहले एशियाई खेलों के ग्रुप चरण में 76 गोल दागे थे।

पीआर श्रीजेश- India TV Hindi
पीआर श्रीजेश

नयी दिल्ली: भारतीय पुरूष हॉकी टीम के कप्तान पी आर श्रीजेश को लगता है कि कांस्य पदक और पाकिस्तान के खिलाफ जीत से एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक ना जीत पाने का दर्द कम नहीं हो सकता। एशियाई खेलों में पुरूष हॉकी के सेमीफाइनल में भारत ने नियमित समय के आखिरी मिनट में गोल खाकर मलेशिया को बराबरी करने का मौका दिया जिसके बाद शूटऑफ में हार गया। 

गत विजेता और दुनिया की पांचवीं एवं एशिया की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग वाली टीम स्वर्ण पदक की दावेदार थी और उसने पूल चरण में उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन भी किया। भारत ने सेमीफाइनल में मिली हार से पहले एशियाई खेलों के ग्रुप चरण में 76 गोल दागे थे। हार से भारतीय हॉकी जगत स्तब्ध रह गया और कुछ ने यहां तक कहा कि टीम का अति आत्मविश्वास उसे ले डूबा, लेकिन श्रीजेश का कुछ और ही कहना है। 

उन्होंने कहा, ‘‘इस बात को लेकर कोई शक नहीं है कि हम निराश हैं। हम खिलाड़ियों को पता है कि हम कितने दुखी हैं क्योंकि हमने पूरे साल काफी अच्छा प्रदर्शन किया। कांस्य सांत्वना पदक है और इससे हमारा दर्द कम नहीं हो सकता।’’ 

कप्तान ने कहा, ‘‘मलेशिया से हार के बाद कुछ लोगों ने कहा कि हम अति आत्मविश्वास के शिकार हो गए थे लेकिन यह सच नहीं है। हमारे अंदर आत्मविश्वास था, अति आत्मविश्वास नहीं। हमारे अंदर किसी को भी हराने का आत्मविश्वास था लेकिन बेवकूफाना गलतियां हमें महंगी पड़ीं।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘मलेशिया के खिलाफ मुकाबले में हमने शुरूआत ठीक की लेकिन मैच के बीच में खेल धीमा करने की हमारी रणनीति का हमें ही नुकसान उठाना पड़ा। इससे विरोधी टीम को हम पर हमले करने के मौके मिल गए और उन्होंने उसका फायदा उठाया।’’ 

भारत ओलंपिक के लिए काफी पहले क्वालीफाई करने के मकसद से एशियाई खेलों में गया था लेकिन वह मकसद पूरा नहीं हुआ। हालांकि श्रीजेश ने कहा कि सब कुछ खत्म नहीं हुआ है और भरोसा जताया कि टीम आगे ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लेगी। उन्होंने कहा,‘‘एशियाई खेल ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने का आखिरी मौका नहीं है बल्कि कई मौकों में से एक है। ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने के कई विकल्प उपलब्ध होंगे और हमें उसे हासिल करने का विश्वास है।’’ 

श्रीजेश ने कहा, ‘‘बात बस इतनी है कि हमारे अंदर एशियाई खेलों में क्वालीफाई करने की क्षमता थी लेकिन हम सफल नहीं रहे।’’ हालांकि उन्होंने सत्र के अंत में भुवनेश्वर में होने वाले विश्व कप में बेहतर प्रदर्शन का विश्वास जताया। कप्तान ने कहा, ‘‘हम इस समय दुनिया की शीर्ष पांच टीमों में शामिल हैं लेकिन विश्व कप में आप पहले से कोई अनुमान नहीं लगा सकते क्योंकि वहां दुनिया की शीर्ष 16 टीमें होंगी। आखिर में यह मैदान पर आपके प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अगर आप पूरे साल के हमारे प्रदर्शन पर ध्यान दें तो हम पदक के दावेदार हैं। हमें बस मैदान पर अपनी निरंतरता बनाए रखनी होगी।’’ 

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