रियो डि जनेरियो: भारत के पदक से प्रबल उम्मीदवार निशानेबाज अभिनव बिंद्रा के पदक चूकने और भारतीय पुरुष हॉकी टीम को आखिरी के तीन सेकेंड में जर्मनी के हाथों मिली हार ने रियो ओलम्पिक-2016 के तीसरे दिन भी भारतीय खेल प्रेमियों को निराश किया और भारत का रियो में पहले पदक का इंतजार और बढ़ गया। महिलाओं की व्यक्तिगत तीरंदाजी स्पर्धा में भी लक्ष्मीरानी माझी के रूप में निराशा हाथ लगी। वह राउंड ऑफ 32 इलिमिनेशन में हारकर बाहर हुईं।

निशानेबाज़ी
अभिनव बिंद्रा कांस्य पदक के शूट आफ में मामूली अंतर से चूक गए जिससे वह रियो ओलंपिक खेलों में भारत को उसका पहला पदक नहीं दिला पाए। लगातार पांचवें और अपने अंतिम ओलंपिक में खेल रहे बिंद्रा को रजत पदक विजेता उक्रन के सेरही कुलीश के खिलाफ पुरूष 10 मीटर एयर राइफल शूट आफ में 10.5-10 अंक से शिकस्त का सामना करना पड़ा, जिससे वह चौथे स्थान पर रहे। बाद में पता चला कि बिंद्रा अपनी बंदूक में समस्या के बावजूद खेल रहे थे। लंदन ओलंपिक खेलों के कांस्य पदक विजेता और बिंद्रा के साथी निशानेबाज गगन नारंग भी फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहे।
स्थानीय समयानुसार सुबह नौ बजे 10 मीटर एयर राइफल क्वालीफिकेशन की शुरूआत से पहले बीजिंग 2008 खेलों के स्वर्ण पदक विजेता बिंद्रा कुर्सी से अपनी बंदूक के साथ गिर गए जिससे उनकी राइफल की साइट टूट गई। बिंद्रा के कोच हेंज रेनकेमियर ने बाद में कहा, कोई निशानेबाज मुकाबले से पहले ऐसा नहीं चाहेगा। उसने लाइटिंग के अनुकूल ओलंपिक के लिए विशेष तौर पर वह बनवाई थी। इतनी विस्तृत तैयारी के बावजूद वह नाकाम रहा लेकिन एक निशानेबाज को छत गिर जाने की स्थिति में भी तैयार रहना चाहिए। हम इससे उबर गए और अपना मुकाबला शुरू किया।
इससे पहले बिंद्रा पुरूषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में शूटआफ में उक्रेन के कुलीश से हार गए। एक समय दोनों पदक की दौड़ में 163.8 से बराबरी पर थे। शूटआफ में बिंद्रा ने 10 और कुलीश ने 10.5 स्कोर किया । चौथे स्थान पर रहकर बाहर होने के बाद भी बिंद्रा ने कोई जज्बात नहीं दिखाये । वह चुपचाप चले गए । कुलीश ने 204.6 के स्कोर के साथ रजत और इटली के निकोलो कैप्रियानी (206.1) ने स्वर्ण पदक जीता। बिंद्रा एक समय आठ निशानेबाजों के फाइनल में दूसरे स्थान पर थे जिसमें दो-दो शाट के बाद निशानेबाज बाहर हो रहे थे। बिंद्रा क्वालीफाइंग दौर में सातवें स्थान पर रहे थे जबकि लंदन ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता गगन नारंग 23वें स्थान पर रहकर बाहर हो गए। बिंद्रा ने 625.7 स्कोर किया। बिंद्रा ओलंपिक में सिर्फ इसी स्पर्धा में भाग ले रहे थे। बिंद्रा ने क्वालीफाइंग दौर में 104.3, 04.4, 105.9, 103.8, 102.1 और 105.2 स्कोर किया।
भारत के एकमात्र ओलंपिक व्यक्तिगत स्वर्ण पदक विजेता बिंद्रा ने हालांकि कोई बहाना नहीं बनाया और खेल से संन्यास की घोषणा करते हुए कहा कि वह अपना सफर पूरा कर चुके हैं और अब अपनी शूटिंग रेंज को बगीचे में तब्दील करेंगे। बिंद्रा ने कहा, मैं इसे सब्जियों के बगीचे में तब्दील करूंगा। क्या आपको नहीं लगता कि मैं गंभीर व्यक्ति हूं। शायद अगली बार :तोक्यो 2020 में: मैं पत्रकार के रूप में आउं, अगर कोई मुझे काम दे तो। यह पूछने पर कि क्या वह अपने फैसले पर पुनर्विचार करेंगे, बिंद्रा ने कहा, मैं अपना काम पूरा कर चुका हूं, मैंने संन्यास की घोषणा कर दी है इसलिए कोई पुनर्विचार नहीं होगा।

ट्रैप निशानेबाजी में मानवजीत सिंह संधू और कीनान चेनाइ पहले दिन के प्रदर्शन को बेहतर नहीं कर सके और ओलंपिक पुरूष ट्रैप सेमीफाइनल में प्रवेश नहीं कर पाये । संधू 16वें और चेनाइ 19वें स्थान पर रहे । महिला तीरंदाज लक्ष्मीरानी मांझी व्यक्तिगत स्पर्धा में खराब प्रदर्शन के बाद स्लोवाकिया की अलेक्जेंड्रा लोंगोवा से हारकर बाहर हो गई । मांझी ने यह मुकाबला 1.7 से गंवाया । आखिरी मिनटों में गोल गंवाने की आदत भारतीय हाकी टीम पर एक बार फिर भारी पड़ी और रियो ओलंपिक में पूल बी के रोमांचक मैच में दो बार की ओलंपिक चैम्पियन जर्मनी ने आखिरी सीटी बजने से ठीक पहले गोल करके उसे 2.1 से हरा दिया। भारतीय महिला हाकी टीम भी जापान के खिलाफ पहले मैच के प्रदर्शन को दोहराने में नाकाम रही और उसे यहां ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ रियो ओलंपिक खेलों के अपने दूसरे मैच में 0-3 से शिकस्त का सामना करना पड़ा।
नारंग ने पहले सात शाट में 73.7 का स्कोर किया और 10.8 स्कोर करके शीर्ष पर पहुंच गए। इसके बाद वह लय कायम नहीं रख सके और अगले पांच सीरीज में 104.5, 102.1, 103.4, 101.6, 104.
8 स्कोर किया।