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भारत की मदद करने में खुशी होगी: पेले

 Written By: Bhasha
 Published : Oct 13, 2015 12:04 pm IST,  Updated : Oct 13, 2015 12:08 pm IST

कोलकाता: पेले ने सोमवार को यहां सबको मोहित कर लिया जब ब्राजील के इस महान खिलाड़ी ने कहा कि किसी भी तरह भारत की मदद करने में उन्हें खुशी होगी। इस दौरान डिएगो माराडोना और

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भारत की मदद करने में खुशी होगी: पेले

कोलकाता: पेले ने सोमवार को यहां सबको मोहित कर लिया जब ब्राजील के इस महान खिलाड़ी ने कहा कि किसी भी तरह भारत की मदद करने में उन्हें खुशी होगी। इस दौरान डिएगो माराडोना और लियोनल मेस्सी को लेकर भी सवाल जवाब हुए।

पेले ने पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली के साथ बात करते हुए कहा कि अर्जेन्टीना का उनका प्रतिद्वंद्वी माराडोना मेस्सी की तुलना में पूर्ण खिलाड़ी था। इस मौक़े पर ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान और 1977 की मोहन बागान की टीम के सदस्य भी मौजूद थे जिसके खिलाफ 1977 में पेले ने प्रदर्शनी मैच खेला था।

मोहन बागान की तत्कालीन टीम के कप्तान सुब्रत भट्टाचार्य के सवाल के जवाब में पेले ने लीजेंड्स टूर आफ इंडिया कार्यक्रम के दौरान कहा, अगर मैं किसी तरह मदद कर पाया, तो मैं तैयार हूं। कोई समस्या नहीं है।

भारत में फुटबाल का स्तर गिरने की तुलना पेले ने 1950 में स्वदेश में ब्राजील के विश्व कप की मेजबानी करने से की। उन्होंने कहा, ब्राजील की आज शानदार प्रतिष्ठा है लेकिन 1950 में ऐसा नहीं था। ब्राजील ने अपने घर में विश्व कप गंवा दिया और सभी ने आलोचना की। आपको धैर्य की जरूरत है। आपको अनुभव हासिल करने की जरूरत हैं।

पेले ने कहा, भारत के पास फुटबाल में प्रगति करने का शानदार मौका है। आपको अनुभव के आदान प्रदान की जरूरत है। आपके पास काफी प्रतिभा है। इसमें समय लगेगा।

छड़ी की मदद से चलकर मंच पर पहुंचे पेले का लगभग 1000 दर्शकों ने खड़े होकर अभिवादन किया।

उन्होंने कहा, मैंने यहां भारत में आना स्वीकार किया क्योंकि मुझे यहां के लोगों से प्यार है। मैं 25 साल ब्राजील और सांतोस के साथ खेला और फिर पांच साल न्यूयार्क कासमास के साथ। हाल में सर्जरी हुई जब मैंने खेलना छोड़ दिया।

यह पूछे जाने पर कि माराडोना और मेस्सी में बेहतर कौन है, पेले ने कहा दोनों की शैली समान है। दोनों काफी अच्छे हैं लेकिन मेरे लिए माराडोना मेस्सी की तुलना में अधिक पूर्ण है जो पिछले 10 साल में सर्वश्रेष्ठ हैं।

जब यह पूछा गया कि क्या दूसरा पेले होगा तो उन्होंने कहा, सुनिये, मुझे माफ कीजिए। मेरे माता और पिता ने मशीन बंद कर दी है। कोई पेले नहीं है।

पेले ने 1970 विश्व कप में अपनी टीम की जीत को सबसे यादगार करार दिया।

इस मौक़े पर मोहम्मद हबीब, मोहम्मद अकबर और सुधीर करमरकर को छोड़कर 1977 की मोहन बागान टीम के खिलाडि़यों को सम्मानित भी किया गया।

पेले महान खिलाड़ी पीके बनर्जी के गले भी मिले जो 1977 की मोहन बागान की टीम के कोच थे। पेले से मोहन बागान और न्यूयार्क कासमास के बीच 1977 में 2-2 के ड्रा के दौरान संदिग्ध पेनल्टी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसके बारे में याद नहीं है।

उन्होंने रैफरी के संदर्भ में कहा, सभी जीवन में गलती करते हैं। शायद उन्हौंने गलती की थी लेकिन मुझे याद नहीं है।

गांगुली ने कहा, मैं तीन क्रिकेट विश्व कप खेला। विजेता और उप विजेता होने में बड़ा अंतर होता है। विश्व कप और गोल्डन बूट उठाना शानदार उपलब्धि होगी।

इस मौके पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, हमें आपकी मौजूदगी पर गर्व है। मैं पेले को विश्व फुटबाल का किंग मानती हूं।

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