BEE यानी ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी का नया स्टार रेटिंग नियम आज 1 जनवरी 2026 से लागू हो गया है। इस नियम की वजह से यूजर्स को फायदा होने वाला है। एसी, फ्रिज या अन्य इलेक्ट्रिक आइटम खरीदने वाले यूजर्स को नए स्टार रेटिंग की वजह से बिजली की बचत होगी। होम अप्लायंसेज बनाने वाली कंपनियों को अब इस नए स्टार रेटिंग के हिसाब से प्रोडक्ट को मार्केट में उतारने होंगे। नए नियम के मुताबिक, 5 स्टार रेटिंग वाले अप्लायंसेज पहले के मुकाबले ज्यादा बिजली की बचत करेंगे।
क्या है BEE स्टार रेटिंग?
भारत में ब्यूरो ऑफ इलेक्ट्रिक एफिशिएंसी यह निर्धारित करती है कि कोई भी अप्लायंसेज कितनी बिजली की खपत करता है। 1 स्टार रेटिंग वाला सबसे ज्यादा बिजली की खपत करेगा, जबकि 5 स्टार रेटिंग वाला अप्लायंस सबसे कम बिजली की खपत करेगा। आम तौर पर 3 से 5 स्टार रेटिंग वाले एसी या फ्रिज को लोग खरीदते हैं। नए नियम के मुताबिक बिजली की खपत कम होने के साथ-साथ इनकी क्वालिटी में भी सुधार होगी।
नए नियम में क्या बदला?
BEE ने स्टार रेटिंग के नियम को पहले के मुकाबले सख्त कर दिया है ताकि उपकरण ज्यादा एफिशिएंट बन सके। अब 5 स्टार रेटिंग वाले उपकरण पहले के मुकाबले 10% ज्यादा एनर्जी एफिशिएंट बनेंगे यानी 10% कम बिजली खर्च करेंगे। साधारण भाषा में समझें तो जो पहले 5 स्टार रेटिंग होती थी वो अब 4 स्टार हो गई है और जो पहले 6 या 7 स्टार रेटिंग होती थी वो अब 5 स्टार हो गई है।
नए नियम में उपकरण को एनर्जी एफिशिएंट बनाने के लिए कंपनियों को बेहतर कंपोनेंट्स यूज करने होंगे। एसी या फ्रिज में बेहतर कंप्रेसर, बेहतर इंसुलेशन और कॉपर ट्यूबस लगाने होंगे। ये उपकरण की एफिशियंसी तो बढ़ा देगी लेकिन इसकी कीमत में 10 से 15 प्रतिशत तक का इजाफा हो जाएगा। हालांकि, मोटे तौर पर ग्राहकों को इससे फायदा मिलेगा। इलेक्ट्रिक आइटम की कीमत तो महंगी हो जाएगी लेकिन इसके खराब होने की संभावना कम हो जाएगी। साथ ही, यह बड़ी मात्रा में बिजली की बचत भी करेंगे।
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