Alert For Android smartphone Users: एंड्रॉइड स्मार्टफोन यूजर्स के लिए खतरे की घंटी बजी और इससे बचाने के लिए भारत की कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने एंड्रॉइड स्मार्टफोन यूजर्स को अपने हैंडसेट पर लेटेस्ट एंड्रॉइड अपडेट डाउनलोड करने की सलाह दी है। दरअसल गूगल के लेटेस्ट सेफ्टी अपडेट में डॉल्बी ऑडियो बग से जुड़ी एक गंभीर सेफ्टी दिक्कत को ठीक किया गया है जिसके बाद एंड्रॉइड यूजर्स को अपने फोन पर लेटेस्ट एंड्रॉइड अपडेट डाउनलोड करना जरूरी हो गया है। बता दें कि अक्टूबर 2025 में पहली बार इस समस्या को खोजा गया था।
इसके तहत जीरो क्लिक डॉल्बी डिजिटल प्लस यूनिफाइड डिकोडर ने अनऑथराइज्ड यूजर्स को सिस्टम तक अनधिकृत पहुंच प्रदान की जिससे उनका अपने सिस्टम से कोड एक्जीक्यूट करना मुमकिन हो गया । बताया जाता है कि इस समस्या ने विंडोज डिवाइसों पर भी असर डाला था। इसने कई एंड्रॉइड यूर्जर्स की प्राइवेसी को खतरे में डाल दिया था लेकिन अब गूगल ने जनवरी के सुरक्षा पैच के साथ उस समस्या को ठीक कर दिया है।
CERT-In ने अलर्ट किया है कि इस खामी का फायदा उठाकर हैकर्स और दूसरे गलत फैक्टर्स जैसे साइबर क्रिमिनिल्स टारगेटेड डिवाइस पर दूर से ही मनमाना कोड रिमोटली आर्बिट्रेट कर सकते हैं। हैकर्स ऑर्गनाइजेशन्स और यूर्जर्स के डिवाइस की मेमोरी सिस्टम को संभावित रूप से करप्ट कर सकते हैं। लिहाजा बुधवार को जारी अपने एडवाइजरी नोट 'CIVN–2026-0016 में' साइबर सेफ्टी निगरानी संस्था कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने एंड्रॉइड यूजर्स को लेटेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट डाउनलोड करने की सलाह दी है। इसके जरिए फोन पर मौजूद सीरियस डॉल्बी DD+ यूनिफाइड डिकोडर सेफ्टी खामी को ठीक किया जाता है।
अक्टूबर 2025 में गूगल के सेफ्टी रिसर्चर्स के एक ग्रुप ने पाया कि डॉल्बी डीडी+ यूनिफाइड डिकोडर बग का फायदा उठाकर एंड्रॉइड डिवाइस पर दूर से कोड एक्जीक्यूट किया जा सकता है। इसे जीरो-क्लिक एक्सप्लॉइट नाम दिया। इसके पीछे की वजह ये है कि इसे एंड्रॉइड यूजर्स को किसी लिंक पर क्लिक करने या मीडिया फाइल खोलने की जरूरत के बिना चलाया जा सकता है जिसका हैकर्स या गलत तत्व गलत फायदा उठा सकते हैं और उनकी डिवाइस को बिना क्लिक कराए करप्ट कर सकते हैं।
अब 5 जनवरी को जारी अपने सेफ्टी बुलेटिन में गूगल ने ऐलान किया कि उसके लेटेस्ट जनवरी सुरक्षा पैच ने डॉल्बी एलिमेंट से जुड़ी उस सेफ्टी खामी को ठीक कर दिया है जिसकी जानकारी सबसे पहले अक्टूबर 2025 में मिली थी। टेक जाएंट कंपनी गूगल ने इस दिक्कत को मानते कहा कि इसकी गंभीरता का आकलन डॉल्बी की तरफ से किया गया था। डॉल्बी ने हालांकि सेफ्टी सलाह जारी करते समय दावा किया कि इस बग का गलत तरीके के कामों के लिए इस्तेमाल किए जाने का जोखिम कम है। कंपनी ने आगे कहा कि यह बग आमतौर पर मीडिया प्लेयर के क्रैश होने या रीस्टार्ट होने की वजह बनता है।
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