चिप की कमी ने बजट स्मार्टफोन बनाने वाली चीनी कंपनियों की टेंशन बढ़ा दी है। AI की बढ़ती डिमांड की वजह से मेमोरी चिप्स की भारी कम हो गई है, जिसकी वजह से सप्लाई चेन पर बड़ा असर पड़ा है। मार्केट रिसर्च फर्म IDC की नई रिपोर्ट ने सस्ते स्मार्टफोन खरीदने वाले यूजर्स को बड़ा झटका दे दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल स्मार्टफोन की कीमत में 14% तक इजाफा हो सकता है।
IDC ने ग्लोबल स्मार्टफोन शिपमेंट में भी पिछले एक दशक की सबसे बड़ी गिरावट का भी अनुमान लगाया है। चिप की कमी ने स्मार्टफोन कंपनियों के लिए फोन की कीमतें बढ़ाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं छोड़ा है। इसका असर पिछले कुछ दिनों में दिखा है, जब सैमसंग समेत अन्य ब्रांड के फोन की कीमत में इजाफे का ऐलान किया है।
मार्केट रिसर्च फर्म के मुताबिक, लो-एंड स्मार्टफोन वेंडर्स की शिपमेंट में इस साल गिरावट देखी जा सकती है। एआई चिप की बढ़ती डिमांड और मेमोरी चिप शॉर्टेज की वजह से स्मार्टफोन की एवरेज सेलिंग प्वाइंट में 14% तक का इजाफा हो सकता है। हालांकि, मार्केट रिसर्च फर्म ने ये भी बताया है कि 2027 की दूसरी छमाही में स्मार्टफोन की कीमतें स्टेब्लाइज हो सकती हैं। अगले साल तक मेमोरी चिप की सप्लाई चेन में सुधार देखा जा सकता है।
IDC के मुताबिक, चिप शॉर्टेज का सबसे बड़ा असर 100 डॉलर यानी 9,000 रुपये की प्राइस सेगमेंट में आने वाले स्मार्टफोन पर पड़ सकता है। मेमोरी चिप के बढ़ते दाम की वजह से बजट रेंज वाले फोन की एवरेज सेलिंग प्राइस बढ़ने की उम्मीद है। चीनी कंपनियां Vivo और iQOO ने भी अपने 6 मॉडल की प्राइस में इजाफा करने का फैसला किया है। भारत में ये फोन आने वाले कुछ दिनों में महंगे हो सकते हैं।
पिछले दिनों दक्षिण कोरियाई कंपनी सैमसंग ने अपने बजट प्राइस वाले फोन की कीमतें बढ़ाई हैं। इस साल लॉन्च हुए Samsung Galaxy S26 सीरीज को भी कंपनी ने 10,000 रुपये तक महंगे में पेश किया है। इस सीरीज के स्टैंडर्ड मॉडल में 6,000 रुपये, जबकि अल्ट्रा मॉडल में 10,000 रुपये का इजाफा किया गया है।
यह भी पढ़ें - Anthropic से ट्रंप की नाराजगी का Sam Altman ने उठाया फायदा, OpenAI की लगी लॉटरी
संपादक की पसंद