Iran Internet Shutdown: ईरान में सैन्य तनाव के बाद ये देश लगभग पूरी तरह से ऑफलाइन हो गया। इंटरनेट निगरानी समूह नेटब्लॉक्स ने बताया कि ईरान में कनेक्टिविटी लगभग पूरी तरह से ठप हो गई थी, जिससे देश डिजिटल रूप से बाहरी दुनिया से कट गया था। नेटब्लॉक्स के X पर शेयर किए गए अपडेट के मुताबिक, शटडाउन की अवधि के दौरान राष्ट्रीय कनेक्टिविटी घटकर 1 से 4 परसेंट तक रह गई थी। समूह ने कहा कि ईरान कई घंटों तक ऑफलाइन रहा और स्थिति को लगभग पूर्ण इंटरनेट ब्लैकआउट बताया।
कनेक्टिविटी ठप होने से प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच भी बाधित हो गई। खबरों के मुताबिक ईरान में यूजर्स ब्लैकआउट के दौरान मैसेजिंग ऐप्स और सोशल नेटवर्क का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे थे। मेटा और एक्स जैसी कंपनियों के प्लेटफॉर्म्स भी पहुंच से बाहर हो गए थे, क्योंकि पूरे देश में ट्रैफिक में भारी गिरावट आई थी। नेटवर्क निगरानी समूहों का कहना है कि यह शटडाउन बुनियादी ढांचे में खराबी के कारण नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया गया प्रतीत हुआ।
अमेरिकी और इजरायली सैन्य अभियानों के बीच इंटरनेट बाधित हुआ है, जिनमें ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। तेहरान, इस्फ़हान और शिराज सहित कई शहरों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। इजरायल ने कथित तौर पर अपनी कार्रवाई को "ऑपरेशन लायन्स रोर" नाम दिया, जबकि अमेरिका ने इसे "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" कहा। ईरानी अधिकारियों ने इंटरनेट प्रतिबंधों के पीछे सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि सरकारें अशांति या सैन्य कार्रवाई के दौरान सूचना के प्रवाह को नियंत्रित करने और फोटोज, वीडियो या अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए कभी-कभी कनेक्टिविटी सीमित कर देती हैं।
नेटब्लॉक्स ने कहा कि यह शटडाउन ईरान में विरोध प्रदर्शनों या राजनीतिक तनाव के दौरान पहले भी देखे गए राष्ट्रव्यापी व्यवधानों के मुताबिक है।
इस शटडाउन का देश के भीतर दैनिक जीवन पर सीधा असर पड़ा है। इंटरनेट सेवाएं ठप होने के कारण लोगों को ऑनलाइन बैंकिंग, अस्पताल सिस्टम और रेगुलर कनेक्टिविटी ऐप्स तक पहुंचने में समस्याओं का सामना करना पड़ा था। आपातकालीन समन्वय और नियमित व्यावसायिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। यह पहली बार नहीं है जब ईरान ने राष्ट्रव्यापी इंटरनेट शटडाउन लागू किया है। ईरान ने अतीत में भी अशांति या राजनीतिक तनाव के समय इसी तरह के इंटरनेट शटडाउन का इस्तेमाल किया है।
अधिकारियों ने यह नहीं बताया है कि पूरे देश में इंटरनेट सेवा कब तक पूरी तरह से बहाल हो पाएगी। कनेक्टिविटी पर नजर रखने वाले समूह ट्रैफिक स्तरों पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि सेवाएं कब दोबारा शुरू होंगी।
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