TRAI मोबाइल फोन यूजर्स को कॉल कनेक्शन में होने वाली दिक्कत को लेकर सख्त है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण के नए चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी ने कॉल ड्रॉप की समस्या को दूर करने के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार करने की बात कही है। ट्राई के चेयरमैन का पदभार संभालने के बाद मीडियो को संबोधित करते हुए नए चेयरमैन ने क्वालिटी ऑफ सर्विस (QoS), स्पेक्ट्रम अलोकेशन और टेलीकॉम एक्ट 2023 को लागू करने को प्राथमिकता बताया है। बता दें टेलीकॉम एक्ट 2023 पिछले साल संसद से पास हो चुका है।
मीडिया से बात करते हुए अनिल कुमार लाहोटी ने कहा कि प्राधिकरण की मुख्य प्राधिकरण देशभर में क्लालिटी ऑफ सर्विस में सुधार लाना है। टेलीकॉम सेक्टर के ग्रोथ के लिए यह बेहद जरूरी है। नए चेयरमैन ने कहा कि हमारा फोकस उन टेलीकॉम यूजर्स की शिकायतों को दूर करना है, जिन्हें कॉल डिसकनेक्शन और कॉल ड्रॉप की समस्या है। इसके लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार करने की जरूरत है।
इसके अलावा ट्राई जल्द ही Reliance Jio, एलन मस्क के Starlink, अमेजन के Project Kuiper एवं अन्य कंपनियों की सैटेलाइट सर्विस को लेकर स्पेक्ट्रम अलोकेशन प्रक्रिया शुरू करने पर विचार करेगा। बता दें पिछले साल देशभर के अलग-अलग टेलीकॉम सर्किल से लाखों यूजर्स ने कॉल ड्रॉप की शिकायतें की हैं। टेलीकॉम कंपनियों के नेटवर्क अपग्रेडेशन और इंटिग्रेशन की वजह से यूजर्स को कॉल ड्रॉप की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, टेलीकॉम कंपनियां अपनी 2G/3G सर्विस को धीरे-धीरे बंद कर रही है, ताकि नए जेनरेशन की टेलीकॉम सर्विस के लिए स्पेक्ट्रम खाली हो सके। साथ ही, मोबाइल टॉवर का इस्तेमाल 5G एंटिना लगाने के लिए किया जा सके। इस वजह से भी कई टेलीकॉम सर्किल में यूजर्स को लगातार कॉल ड्रॉप की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इसके अलावा ट्राई डायरेक्ट-टू-मोबाइल (DTM) सर्विस की भी तैयारी करेगा। पिछले साल वर्षों से चली आ रहे कानूनों को बदलकर नया टेलीकॉम एक्ट 2023 संसद से पास हो गया है। ट्राई जल्द ही नए टेलीकॉम एक्ट को लागू कर सकता है।
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