जापान के शहर किताकियुशु से प्रेरित होकर तेलंगाना की रेवंत रेड्डी सरकार हैदराबाद में 80 एकड़ में एक इको-टाउन विकसित करने जा रही है। इसका उद्देश्य सतत विकास पर विशेष ध्यान देते हुए भावी पीढ़ियों की जरूरतों को पूरा करना है। राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी एवं उद्योग मंत्री डी श्रीधर बाबू ने सोमवार को इसकी घोषणा की। हैदराबाद में सोमवार को “किताकियुशु से तेलंगाना तक: सतत औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना” कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में बोलते हुए मंत्री ने कहा कि यह पहल तेलंगाना और किताकियुशु के बीच हस्ताक्षरित एक आपसी सहयोग समझौते से उपजी है, जो इस परियोजना के लिए एक रणनीतिक रोडमैप के रूप में कार्य करेगा।
क्या बोले मंत्री डी श्रीधर बाबू?
मंत्री डी श्रीधर बाबू ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पिछले 18 महीनों में सरकार के निरंतर प्रयासों से 3 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तेलंगाना राज्य में जापानी निवेश को बढ़ावा देने के लिए उत्सुक है। उन्होंने कहा कि भविष्य को देखते हुए, तेलंगाना सरकार नेट जीरो टार्गेट्स, रिवरफ्रंट विकास, सर्कुलर इकोनॉमी प्रयासों, स्वच्छ प्रौद्योगिकियों और डिजिटल नवाचार सहित कई दूरदर्शी पहलों पर किताकियुशु के साथ सहयोग करेगी। द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए हैदराबाद और किताकियुशु के बीच सीधी उड़ान सेवाएं शुरू करने को लेकर भी संभावित प्रयास किया जाएगा।
रेवंत रेड्डी ने किया स्वागत
इस बीच तेलंगाना सरकार और जापान के किताकियुशू शहर ने संबंधों को मजबूत करने और समावेशी आर्थिक विकास, शून्य उत्सर्जन और शहरी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए। तेलंगाना सरकार द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने सोमवार को तेलंगाना और किताकियुशू शहर के बीच सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि यह साझेदारी समावेशी आर्थिक विकास, शून्य उत्सर्जन और शहरी नवाचार के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देगी। बता दें कि हाल ही में जापान की यात्रा पर गए मुख्यमंत्री ने कहा था, "शहर में इको-टाउन मॉडल ने हमें प्रेरित किया है और राज्य सरकार ने हैदराबाद में एक समान मॉडल विकसित करने के लिए कई जापानी कंपनियों के साथ समझौते किए हैं।"
(इनपुट-पीटीआई)