नागरकुरनूल: तेलंगाना के सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने नागरकुरनूल में सुरंग धंसने के मामले की जानकारी दी। उन्होंने मंगलवार को कहा कि ‘श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी)’ सुरंग के निर्माणाधीन खंड के आंशिक रूप से ढह जाने के बाद उसमें फंसे लोगों को बचाने में लगे दलों का जीवन भी कीचड़ और पानी के निरंतर प्रवाह के कारण खतरे में पड़ सकता है। मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने विशेषज्ञों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बचाव अभियान दुनिया में या कम से कम भारत में सबसे जटिल और कठिन है क्योंकि सुरंग में प्रवेश/निकास का केवल एक ही रास्ता है।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि मामूली बदलाव और कुछ भूगर्भीय भ्रंश रेखाओं के कारण निर्माणाधीन खंड आंशिक रूप से ढह गया होगा। उन्होंने कहा, ‘‘एक समस्या है। सुरंग में बहुत तेज गति से पानी का रिसाव जारी है और कीचड़ बह रहा है। इसलिए कुछ विशेषज्ञों ने राय व्यक्त की है कि बचाव कार्य में लगे लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। चूंकि हम एक जिम्मेदार सरकार हैं, इसलिए हम सर्वश्रेष्ठ विशेषज्ञों की राय ले रहे हैं और हम इस पर अंतिम फ़ैसला करेंगे।’’ मंत्री ने बताया कि भारतीय सेना, नौसेना की ‘मरीन कमांडो फोर्स’, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जीएसआई, ‘रैट माइनर्स’ और ‘सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड’ जैसी 10 एजेंसियों के विशेषज्ञ आठ लोगों की जान बचाने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।
बीआरएस ने सीएम पर साधा निशाना
वहीं बीआरएस द्वारा मुख्यमंत्री की आलोचना किये जाने पर उत्तम रेड्डी ने इसे ‘घृणित राजनीति’ करार दिया। बता दें कि बीआरएस ने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी 36 बार दिल्ली आ चुके हैं लेकिन इस घटना के 72 घंटे बाद भी उनके पास एसएलबीसी सुरंग में फंसे लोगों से मिलने का समय नहीं है। निरंतर प्रयास के बाद भी बचाव अभियान में अबतक कोई बड़ी उपलब्धि नहीं मिली है क्योंकि श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी) परियोजना के निर्माणाधीन खंड के आंशिक रूप से ढहने के बाद सुरंग में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश में मिट्टी के टीले, लोहे के ढांचे और सीमेंट के ब्लॉक लगातार बाधा पहुंचा रहे हैं। (इनपुट- पीटीआई)
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