राजधानी दिल्ली में रविवार की सुबह हर इलाके में धुएं की चादर देखने को मिली। यहां कई इलाकों में एक्यूआई 400 के पार भी दर्ज किया गया।
राजधानी दिल्ली में सोमवार को मौसम का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। इसके अलावा यहां की एयर क्वालिटी भी बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई।
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ गया है, जिस वजह से GRAP-3 लागू कर दिया गया है। ऐसे में दिल्ली के स्कूलों को 5वीं कक्षा तक को हाइब्रिड मोड में चलाने का आदेश दिया गया है।
दिल्ली-एनसीआर में अब ठंड का एहसास होने लगा है। वहीं दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण भी बढ़ता जा रहा है। दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई 400 के पार चला गया है।
दिल्ली-NCR क्षेत्र में वायु प्रदूषण का संकट बढ़ता जा रहा है। लोगों को इससे काफी समस्या हो रहा है। इब जानकारी सामने आई है कि सुप्रीम कोर्ट वायु प्रदूषण के मामले की सुनवाई करने जा रहा है।
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के कारण अस्पतालों की OPD में मरीजों की संख्या 25% तक बढ़ गई है। डॉक्टरों के अनुसार, दमा, COPD और फेफड़े की पुरानी बीमारियों वाले मरीजों की हालत बिगड़ रही है। विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह व्यायाम और बाहरी गतिविधियों से बचने की सलाह दी है।
CPCB के अनुसार इंडिया गेट और आसपास के इलाकों में AQI 353 दर्ज़ किया गया जो 'बहुत खराब' श्रेणी में है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मुताबिक आनंद विहार की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। यहां पर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 428 दर्ज किया गया जोकि 'गंभीर' कैटेगरी में है।
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, आज सुबह दिल्ली में अक्षरधाम के आसपास एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 360 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' कैटेगरी में है।
दिवाली के दिन सोमवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब हो गई और 38 निगरानी स्टेशन में से 34 पर प्रदूषण का स्तर ‘रेड जोन’ में दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ वायु गुणवता दर्शाता है।
दिल्ली में जुलाई महीने में पिछले 10 वर्षों में सबसे स्वच्छ हवा दर्ज की गई है। 30 जुलाई तक, मासिक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 79 रहा है।
दिल्ली की हवा सिर्फ सर्दियों में नहीं बल्कि पूरे साल जहरीली बनी रहती है। रेस्पिरर लिविंग साइंस की रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है। जानिए रिपोर्ट में क्या कहा गया है?
दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता में सुधार के बाद ग्रैप-II के प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। यह निर्णय मौसम की अनुकूल परिस्थितियों के कारण लिया गया।
राजधानी दिल्ली लगातार चौथे महीने देश की दूसरे सबसे प्रदूषित शहर बन गई है। जनवरी 2025 में दिल्ली का औसत पीएम 2.5 स्तर 165 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।
प्रदूषण के स्तर में गिरावट के बीच दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-4 प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। अब सरकारी या प्राइवेट में ऑफिस में वर्क फ्रॉम होम जरूरी नहीं होगा। कर्मचारियों को ऑफिस बुलाया जा सकता है।
दिल्ली एनसीआर में एयर क्वालिटी के मद्देनजर ग्रैप-4 लागू कर दिया गया है। ऐसे में अब दिल्ली में कई तरह की पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। आइए जानते हैं क्या-क्या..
अपने बेबाक बयानों के लिए मशहूर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि प्रदूषण को कम करने का सबसे अच्छा तरीका जीवाश्म ईंधन की खपत को कम करना है।
CAQM की ओर से ASG ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि AQI में उतार चढ़ाव जनवरी तक चलता रहेगा। ऐसे में जस्टिस ओक ने कहा कि आज हम किसी भी मौजूदा ढील की अनुमति नहीं देंगे। जब तक आप हमें प्रदूषण नीचे जाने के रुझान नहीं दिखाते। हम ऐसा कैसे कर सकते हैं?
सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि दिल्ली में सोमवार तक ग्रैप-4 लागू रहेगा। सिर्फ स्कूलों को इससे छूट मिलेगी। अगली सुनवाई सोमवार को ही होगी, जिसमें ग्रैप-4 की बजाय ग्रैप-3 या ग्रैप-2 लागू करने पर फैसला किया जाएगा।
दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए ग्रैप 4 को लागू कर दिया गया है, जिसका रिजल्ट अब दिखने लगा है। दिल्ली में एक्यूआई में मामूली राहत देखने को मिली है। दिल्ली का औसतन एक्यूआई 302 दर्ज किया गया है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के जवान दिन भर प्रदूषण के बीच सड़क पर रहते हैं। ऐसे में उनको सांस से संबंधी बीमारियां होने का डर है। इसी वजह से पुलिस ने जवानों के लिए योगा सेशन का आयोजन किया।
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