वित्त मंत्रालय ने भी कॉरपोरेट शासन की सर्वोत्तम प्रथाओं को बनाए रखने के महत्व पर जोर देते हुए बैंकों और बीमा कंपनियों को ग्राहकों को बीमा पॉलिसियों की 'गलत-बिक्री' के प्रति बार-बार आगाह किया है।
एलआईसी की जीवन उमंग एक जीवन बीमा पॉलिसी है जो आपके परिवार को जीवन भर नियमित आय और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है। यह पॉलिसी प्रीमियम भुगतान अवधि के आखिर से लेकर मेच्योरिटी तक एनुअल सरवाइवल बेनिफिट प्रदान करती है। यह मेच्योरिटी पर या पॉलिसी अवधि के दौरान पॉलिसीधारक की मृत्यु पर एकमुश्त राशि प्रदान करती है।
एलआईसी ने अपने एक बयान में कहा कि इस योजना के तहत रिवाइवल के लिए पात्र होने पर सभी नॉन-लिंक्ड यानी टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी स्कीम के लिए लेट फीस में 30 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है, जो अधिकतम 5000 रुपये तक हो सकती है।
पुलिस ने बताया कि गिरोह के सदस्य हत्या को एक्सीडेंट दिखाकर बीमा के पैसे हड़प लेते थे। इस तरह दो लोगों की हत्या कर चुके थे और तीसरे की हत्या की प्लानिंग कर रहे थे।
केयर हेल्थ इंश्योरेंस की वेबसाइट पर उपलब्ध कंपनी के एक बयान के अनुसार, "ग्राहकों के दृष्टिकोण से अनसस्टेनेबल डिमांड्स के कारण हमने तत्काल प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर के सभी मैक्स अस्पतालों में कैशलेस क्लेम सेवाएं बंद कर दी हैं।"
हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नॉमिनी प्रावधान से संबंधित इंश्योरेंस एक्ट, 1938 के सेक्शन 39 हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 जैसे व्यक्तिगत उत्तराधिकार कानूनों को निष्प्रभावी नहीं करती है। जस्टिस अनंत रामनाथ हेगड़े ने नीलव्वा उर्फ नीलम्मा बनाम चंद्रव्वा उर्फ चंद्रकला उर्फ हेमा और अन्य के मामले में ये फैसला सुनाया है।
मजदूरों को क्लेम उन परिस्थितियों में मिलेगा, जब AQI लगातार पांच दिनों में से कम से कम तीन दिनों के लिए 400 से ऊपर रहता है, इस परिस्थिति को 'स्ट्राइक' के रूप में परिभाषित किया गया है। पॉलिसी में प्रत्येक स्ट्राइक के बीच कम से कम 25 दिनों का अंतर होना चाहिए।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) एक इंश्योरेंस पॉलिसी है जो किसी भी कारण से मृत्यु होने पर लाइफ इंश्योरेंस कवर मुहैया कराता है। यह एक साल के लिए होता है, जिसे साल दर साल बढ़ाया जा सकता है।
इस इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत गंभीर बीमारियों जैसे गर्भाशय ग्रीवा, गर्भाशय कैंसर और हृदय रोग आदि पता चलने पर हेल्थ कवर का 100 प्रतिशत तक का तत्काल भुगतान ऑफर किया जाता है।
लाइफ इंश्योरेंस और टर्म इंश्योरेंस दोनों के अपने फायदे हैं। यदि आप सुरक्षा के साथ-साथ निवेश का भी लाभ चाहते हैं, तो लाइफ इंश्योरेंस आपके लिए सही विकल्प हो सकता है। वहीं, यदि आप कम प्रीमियम में अधिक सुरक्षा चाहते हैं और निवेश की आवश्यकता नहीं है, तो टर्म इंश्योरेंस आपके लिए बेहतर विकल्प है।
इलाज और दवाइयों के बढ़ते खर्च को देखते हुए आज के समय में हेल्थ इंश्योरेंस होना बहुत जरूरी हो गया है। हेल्थ इंश्योरेंस आपको न सिर्फ इलाज और दवाइयों के ऊंचे खर्च से सुरक्षा देता है बल्कि टैक्स बेनिफिट्स भी देता है।
कई लोग 25 की उम्र में हेल्थ इंश्योरेंस लेते हैं तो कई लोग 30 और 35 की उम्र में हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते हैं। ऐसे में जिन लोगों ने अभी तक हेल्थ इंश्योरेंस नहीं लिया है, उनके मन में एक सवाल उठता रहता है कि हेल्थ इंश्योरेंस लेने का सही समय क्या है?
कई बार ऐसी परिस्थितियां बन जाती हैं जब व्यक्ति के पास प्रीमियम भरने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं होते हैं। लेकिन अगर आप ईपीएफओ के मेंबर हैं और सक्रिय रूप से कॉन्ट्रिब्यूशन करते हैं तो आपको प्रीमियम भरने के लिए टेंशन लेने की जरूरत नहीं है।
सीनियर सिटीजन के लिए हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि इंश्योरेंस कंपनियां वरिष्ठ नागरिकों की उम्र और मौजूदा हेल्थ कंडीशन के हिसाब से उनका प्रीमियम तय करती हैं।
जीवन बीमा पॉलिसी के संबंध में सभी विनियमों को एकीकृत करने वाले ‘मास्टर’ सर्कुलर को बुधवार को जारी करते हुए इरडा ने कहा कि ‘फ्री-लुक’ अवधि अब 30 दिन की है। पहले यह अवधि 15 दिन थी।
चूंकि यह डिजिटल प्रारूप में होगा, इसलिए आपको किसी भी महत्वपूर्ण दस्तावेज़ के गुम होने की चिंता करने की ज़रूरत नहीं होगी।
भारत में जितनी तेजी से इंश्योरेंस सेक्टर का प्राइवेटाइजेशन हो रहा है, उतनी तेजी से मिस सेलिंग यानि कि गलत इंश्योरेंस पॉलिसी बेचने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं।
इंश्योरेंस एक्सपर्ट का कहना है कि कॉम्बो पॉलिसी पेश करने पर बीमा कंपनियों का खर्च कम होगा। इंश्योरेंस कंपनियों को पॉलिसी मैनेज में आने वाली लागत में कमी आएगी।
Right Investment Tips: कई लोगों को निवेश की जल्दी होती है, तो कुछ सिर्फ बेहतर भविष्य के लिए निवेश करने की फिराक में होते हैं। इसी के चक्कर में एजेंट गलत सलाह के साथ पैसा और समय दोनों बर्बाद कर देते। आइए सही निवेश का कारगर तरीका जानते हैं।
जो लोग पुराने समय से हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ले चुके हैं उन्हें समय रहते इसे स्विच करने की जरूरत है। लेकिन हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को स्विच करते समय पोर्ट और माइग्रेशन को नहीं करें नजरअंदाज। हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को कब और क्यों करें स्विच। यहां जानिए इन दोनों के फायदे और नुकसान।
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