कश्मीर विश्वविद्यालय परिषद की 84वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि नवाचार, रोजगार दिलाने वाले कौशल पर विशेष ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत को अपने मूल्यों के अनुसार विकसित देश की नई परिभाषा बनानी होगी। देश को विकसित बनाने में शिक्षा जगत का योगदान सबसे अहम होने वाला है।
नेशनल एजुकेशन पॉलिसी को लेकर तमिल नेताओं के द्वारा लगातार बयान दिए जा रहे हैं। इस बीच आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने तमिल नेताओं पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ये लोग हिंदी का विरोध करते हैं, लेकिन फिल्मों को हिंदी में डब करके उससे मुनाफा कमाते हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEP और तीन भाषा नीति के कार्यान्वयन को लेकर तमिलनाडु सरकार के विरोध को राजनीतिक बताया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के विरोध के पीछे "राजनीतिक कारण" हैं।
तमिलनाडु में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत स्कूलों में तीसरी भाषा को पढ़ाए जाने का मुद्दा गरम है। राज्य में बीजेपी के नेता और सीएम स्टालिन के बीच तीखी नोंकझोंक चल रही है।
केंद्र और तमिलनाडु सरकार के बीच राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को लेकर बहस छिड़ी हुई है। इसी पर तमिलनाडु के भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष के अन्नामलाई ने कहा कि राजनीतिक दल अनावश्यक रूप से विवाद पैदा कर रहे हैं।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पत्र लिख कर कहा कि किसी राज्य द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को अदूरदर्शी दृष्टि से देखना सही नहीं है। राजनीतिक नैरेटिव को बनाए रखने के लिए धमकियों का उपयोग करना भी पूरी तरह अनुचित है।
ग्रेजुएशन करने जा रहे छात्रों के लिए जरूरी खबर हैं। बता दें कि UGC ने नई गाइडलाइन ड्राफ्ट की है। इसके मुताबिक, अब ग्रेजुएशन के छात्रों को इंटर्नशिप करना अनुवार्य होगा।
अब छात्र यूपी में चार साल के ग्रेजुएशन कोर्स करेंगे। इसकी तैयारी तेजी से शुरू हो गई है। ये सिलेबस 2024-25 के सेशन से लागू हो जाएगी। इतना ही नहीं कोर्सों के क्रेडिट और सब्जेक्ट घटेंगे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान के मुताबिक, नई शिक्षा नीति के माध्यम से अधिक आयु वर्ग के लोगों को भी शिक्षा हासिल करने के नए अवसर हासिल होंगे। नई शिक्षा नीति का लाभ केवल स्कूल, कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों तक सीमित नहीं है।
CBSE अब नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 के फॉर्मेट पर चलेगा। इस फॉर्मेट में स्कूलिंग को चार भागों में बांट दिया गया है। सबसे पहल स्टेज फाउंडेशनल है, जिसमें 3 से 8 साल तक के बच्चों को शिक्षा दी जाएगी।
पीएम मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के एक वर्ष पर आज अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट लॉन्च किया है जो उच्च शिक्षा में छात्रों के लिए कई प्रवेश और निकास विकल्प प्रदान करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा के क्षेत्र में अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट और राष्ट्रीय डिजिटल शिक्षा वास्तुकला सहित कई महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की।
देश में इंजीनियरिंग की पढ़ाई अब 5 भारतीय भाषाओं में भी होगी, गुरुवार को नई शिक्षा नीति को लागू हुए एक साल पूरा होने के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने यह जानकारी दी है।
एक मैसेज में दावा किया गया है कि नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार अब केवल 12वी कक्षा में बोर्ड की परीक्षाएं होंगी और 10वीं कक्षा में बोर्ड परीक्षा का कोई प्रावधान नहीं होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बारे में कहा कि यह पढ़ने के बजाय सीखने पर ज्यादा फोकस करती है। उन्होंने कहा कि इस नई नीति में सरकार का दखल, उसका प्रभाव, कम से कम होना चाहिए।
केंद्र सरकार ने हाल ही में देश की नई शिक्षा नीति की घोषणा कर दी है। इसमें स्कूली शिक्षाा के क्षेत्र में बड़े बदलाव किए गए हैं। सोमवार को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 केंद्रित विषय पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन होने जा रहा है। इस सम्मेलन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होने वाले हैं। इसमें पीएम नरेंद्र मोदी संबोधन भी देंगे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के शुभारंभ से भारतीय उच्च शिक्षा में एक नए युग की शुरुआत होगी, जो पहले से काफी बेहतर होगा और एक नये भविष्य का निर्माण करेगा। एनईपी 2020 एक उत्कृष्ट दूरदृष्टि का परिणाम है और एक प्रेरणादायक नीति दस्तावेज है
मोदी सरकार ने हाल ही में नई शिक्षा नीति की घोषणा की है। यह फैसला दशकों बाद लिया गया है। नई शिक्षा नीति छात्रों को उनकी पढ़ाई में किस तरह से करेगी मदद देखें वीडियो ।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने संवाददाताओं को बताया कि प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में नयी शिक्षा नीति को मंजूरी दी गई।
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