राज्य सरकार का यह स्पष्ट संदेश है कि किसानों के धन, अनाज और विश्वास से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। धान खरीदी, भुगतान, भंडारण और निराकरण की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, उत्तरदायी और तकनीकी निगरानी में रखा गया है ताकि हर किसान को समय पर भुगतान और सुरक्षित व्यवस्था का लाभ मिले।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सोमवार 22 सितंबर से धान की खरीद शुरू हो जाएगी।
उत्तर प्रदेश में धान की खरीद के लिए 1 सितंबर से पंजीकरण शुरू हो चुका है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक धान की खरीद होगी।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों को धान के उत्पादन पर प्रति हेक्टेयर 4000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि यह राशि इसी महीने दी जाएगी।
बीजेपी नेता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सूबे में धान की ‘धीमी’ खरीद को लेकर भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा और कहा कि वह इस मामले में केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की अपील करेंगे।
उत्तर प्रदेश में धान की खरीद शुरू होने वाली है। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए सरकार द्वारा यूपी के विभिन्न जिलों में 4 हजार क्रय केन्द्र तैयार करवाए गए हैं।
छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने 12 लाख किसानों को धान का बकाया बोनस दिया है। राज्य के सीएम विष्णु देव साय ने कहा है कि सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल के हिसाब से धान खरीदेगी। साथ ही आयुष्मान कार्ड से 10 लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा मिलेगी।
आमतौर पर धान खरीद का काम, अक्टूबर से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के तुरंत बाद शुरू होता है। हालांकि, दक्षिणी राज्यों खासकर केरल और तमिलनाडु में, यह खरीद कार्य सितंबर से शुरू होता है।
पिछले साल के लिये धान खऱीद से 1.31 करोड़ किसानों को फायदा मिला और एमएसपी मूल्य पर कुल 1.68 लाख करोड़ रुपये की धान की खरीद की गयी।
इससे पहले केंद्र ने भारी बारिश की वजह से धान की खरीद को 11 अक्टूबर तक टाल दिया था। दोनों राज्यों के किसानों ने इसका पुरजोर विरोध किया था।
कल से हरयाणा और पंजाब में धान की खरीद शुरू होगी। यह फैसला हरयाणा के CM मनोहरलाल खट्टर ने कृषि मंत्री के साथ बैठक के बाद लिया।
केंद्र ने बृहस्पतिवार को पंजाब और हरियाणा में खरीफ धान की खरीद 11 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी क्योंकि हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण फसल पकने में देरी हुई है।
किसानों के लिए जमीन का मालिक होना या न होना जरूरी नहीं है। अगर किसानों ने किसी भी जमीन पर खेती की है, तो उसे खरीद लिया जाएगा।
पांडे ने जोर देते हुये कहा कि यह नया तंत्र किसानों के हित में है और किसानों द्वारा अपनी जमीन में या किराए की जमीन में की जाने वाली खेती की फसल सरकार द्वारा खरीदी जाएगी।
मौजूदा रबी विपणन सत्र के दौरान 49.20 लाख किसानों को खरीदा का लाभ मिला है। इस दौरान किसानों को 85,603.57 करोड़ रुपये का न्यूनतम समर्थन मूल्य का भुगतान किया गया।
दिल्ली की तमाम सीमाओं पर किसानों के जारी विरोध प्रदर्शन के बीच चालू खरीफ विपणन सत्र में अब तक धान की खरीद में 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह खरीद 638.57 लाख टन की हुई है, जिसकी कीमत 1,20,562 करोड़ रुपये है।
एपीडा के मुताबिक चालू वित्त वर्ष 2020-21 के पहले 9 महीने यानि अप्रैल से दिसंबर 2020 के दौरान देश से 115.97 लाख टन चावल एक्सपोर्ट हुआ है जबकि पिछले साल इस दौरान सिर्फ 64.30 लाख टन चावल का निर्यात हो पाया था।
केंद्र ने 25 जनवरी तक 583.31 लाख टन धान की खरीद की है, जो एक साल पहले की अवधि में 483.92 लाख टन की खरीद के मुकाबले 20.53 प्रतिशत अधिक है। धान की अब तक 583.31 लाख टन की कुल खरीद में से, पंजाब का योगदान 202.77 लाख टन है।
देश में 569.76 लाख टन धान की कुल खरीद में से, पंजाब ने अकेले 202.77 लाख टन का योगदान दिया है। इसके बाद हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ का हिस्सा है।
मौजूदा खरीफ विपणन सत्र में अब तक न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान की खरीद पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 22.5 प्रतिशत बढ़कर 368.7 लाख टन तक पहुंच गई है।
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