जितने भी लोग UKPSC PCS Mains 2025 देने वाले थे, उनके लिए यह एक बहुत बड़ी खबर है। आपको बता दें कि यह परीक्षा 6 दिसंबर से लेकर 9 दिसंबर के बीच में होने वाली थी मगर अब यह स्थगित हो गई है।
महिला ने अपने पति से इस आधार पर तलाक मांगा है कि उसका पति और उसका परिवार स्वयंभू संत रामपाल का अनुयायी है और वे हिंदू रीति-रिवाजों का पालन नहीं करते हैं। उसने यह दावा किया कि उसके पति और उसके परिवार ने उस पर भी अपना हिंदू धर्म और रीति-रिवाजों को छोड़ने का दबाव बनाया।
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने एक वैक्सीन साइंटिस्ट की सजा पर रोक लगा दी है। साइंटिस्ट को अपनी पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाया गया था।
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने एक लिव-इन पार्टनर की याचिका पर सुनवाई करते हुए टिप्पणी की है। हाई कोर्ट ने कहा कि पड़ोसियों से लेकर समाज तक सबको आपके रिश्ते के बारे में पता है और आप बिना शादी किए, बेशर्मी से एक साथ रह रहे हो।
लिव इन रिलेशन में रहने वाला एक जोड़ा उत्तराखंड हाई कोर्ट के समक्ष अपनी सुरक्षा की गुहार लेकर पहुंचा। उस जोड़े ने अदालत को बताया कि वे लिव इन रिलेशन में रह रहे हैं। ऐसे में उन्हें बार-बार परिवार वालों की तरफ से धमकी मिल रही है। जबकि हम दोनों ही बालिग हैं।
डेटिंग के दौरान पकड़े जाने वाले नाबालिग लड़के-लड़कियों में से सिर्फ लड़के को ही गिरफ्तार करने को लेकर दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। आइए जानते हैं इस मामले पर कोर्ट ने क्या कहा है...
हाई कोर्ट के समक्ष दायर की गई याचिका में कहा गया है कि राज्य में भ्रष्टाचार विरोधी संस्था के प्रमुख के बिना ही करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं।
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने IPC के सेक्शन 376 के गलत इस्तेमाल को लेकर महिलाओं को चेताते हुए कहा है कि इसका इस्तेमाल किसी हथियार की तरह किया जा रहा है।
अतिक्रमण हटाकर रेलवे की जमीन खाली करने के हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मसले का समाधान निकालने के लिए कहा है।
देशभर में कोरोना के बढ़ते मामले आने वाले विधानसभा चुनावों में मुश्किल बनते जा रहे हैं। इस दौरान सुरक्षित तौर पर चुनाव संपन्न हो इसे लेकर मंथन का दौर जारी है।
याचिका में कहा गया है कि आप का यह कृत्य भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में आता है क्योंकि इससे जनता गुमराह हो रही है।
कोविड-19 महामारी के कारण लंबे समय तक स्थगित रहने के बाद इस वर्ष की चारधाम यात्रा आज से शुरू हो रही है। इस यात्रा के लिए यात्रियों को कड़े नियमों का पालन करना होगा।
उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आर.एस. चौहान और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने कहा कि मंदिर में दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की निर्धारित दैनिक संख्या जैसे प्रतिबंधों के साथ ही यात्रा संचालित होगी।
अदालत ने कहा कि अगर जांच में ये लोग कोविड मुक्त पाए जाते हैं और इनके पास वैध कानूनी दस्तावेज हैं तो उन्हें अपनी आजीविका कमाने के लिए पार्क में प्रविष्ट होने देने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए।
न्यायालय ने हाल ही में अश्लीलता फैला रही 857 वेबसाइटों को बंद करने का आदेश दिया था
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़