रामपुर : समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री आजम खान को रामपुर की एमपीएमएलए कोर्ट ने डूंगरपुर बस्ती में मारपीट, डकैती और आपराधिक षड्यंत्र के मामले में बरी कर दिया है। इस मामले में आजम खान समेत सभी 7 आरोपी बरी हो गए हैं। इससे पहले अदालत में आजम खान, पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां, ठेकेदार बरकत अली, रिटायर्ड सीओ आले हसन, फिरोज खां, रानू खां, धर्मेंद्र चौहान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में पेश हुए। अदालत ने आजम खान सहित सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया।
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2019 में दर्ज हुआ था केस
बता दें कि गंज थाना क्षेत्र के डूंगरपुर बस्ती को खाली कराने के कई मुकदमे वर्ष 2019 में हुए थे। इनमें से एक मुकदमे में आज फैसला आ गया। आज़म खान के अधिवक्ता ज़ुबैर अहमद खान ने बताया कि कोर्ट ने पूरे मामले में हमारी दलीलों को सुना और अपना फैसला सुनाया। आज़म खान सहित सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया है।
इससे पहले दिसंबर 2023 में रामपुर की एक विशेष अदालत ने समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान, उनकी पत्नी एवं बेटे को जन्म प्रमाण पत्र मामले में अधीनस्थ अदालत द्वारा सात-सात वर्ष की कैद सजा सुनाये जाने के फैसले को उचित ठहराते हुए उसके विरुद्ध दायर अपील को खारिज कर दिया था।
जन्म प्रमाण पत्र मामले में सात साल की हुई थी सजा
रामपुर की एमपी-एमएलए अदालत के मजिस्ट्रेट शोभित बंसल ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में आजम खां, उनकी पत्नी तजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को 18 अक्टूबर, 2023 को सात साल की कैद सजा सुनायी थी और 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। फैसले के बाद, तीनों को न्यायिक हिरासत में ले लिया गया था और अदालत से ही जेल भेज दिया गया था। इसी फैसले को चुनौती दी गयी थी। तब आजम खान, अब्दुल्ला आजम खान और डॉ तंजीन फातिमा को अदालत में पेश होने के लिए समन किया गया था। आजम खान सीतापुर जेल और अब्दुल्लाह आजम खान हरदोई जेल से तथा डॉक्टर तंजीन फातिमा रामपुर जिला जेल से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रामपुर की एमपी एमएलए अदालत (सेशन ट्रायल) के न्यायाधीश विजय कुमार की अदालत में पेश हुए थे और अदालत ने अपील पर फैसला सुनाया था। (इनपुट-भाषा)